Monday, June 8, 2026
No menu items!
Homeछत्तीसगढ़मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा—स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं,...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा—स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं, वाइस चांसलर मीट-2026 स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा देगा

रायपुर . मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट-2026 को संबोधित करते हुए इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर देशभर से आए कुलपतियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया।

 स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला - स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई दिशा देगा वाइस चांसलर मीट-2026 : मुख्यमंत्री श्रीविष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पहली बार आयोजित इस एकदिवसीय सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों का व्यापक आदान-प्रदान होगा, जो आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच से निकले विचार न केवल नीति निर्माण को दिशा देंगे, बल्कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भी सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज तथा एक होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं और इसी दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलना उनके लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीणों को कर्ज लेने या जमीन बेचने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां, जो पहले सीमित वर्ग तक मानी जाती थीं, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा “आरोग्य मंदिर” जैसी पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश में तीन आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो औषधीय पौधों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इसी संदर्भ में उन्होंने श्री हेमचंद मांझी को आयुर्वेद के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान मिलने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र में मेडिसिटी हब विकसित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में रायपुर में एक दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों का शुभारंभ किया गया है।

भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे महान शिक्षा केंद्रों का धनी रहा है और चिकित्सा व अध्यात्म दोनों क्षेत्रों में विश्व गुरु के रूप में स्थापित रहा है। आयुर्वेद को ऋग्वेद का उपवेद बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का भाव सदैव विद्यमान रहा है।

कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने तीन प्रकार के टीकों का विकास कर न केवल अपने 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि अन्य देशों की भी सहायता कर वैश्विक स्तर पर मानवता का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सकों को समाज में भगवान के बाद सबसे महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए उनसे सेवा भाव के साथ संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मार्ग प्रशस्त करेगा और इसके सकारात्मक परिणाम आम जनता तक पहुंचेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में नवाचार के तहत हिंदी माध्यम की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। उन्होंने चिकित्सकों से सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 2 मानसिक अस्पताल सहित स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है तथा 275 अत्याधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 13 अप्रैल से सुकमा में मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना के तहत 36 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नक्सल समस्या के समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दिशा में अग्रसर होगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से प्राप्त सुझाव आयुष मंत्रालय को भेजे जाएंगे और यह आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में प्रेरक भूमिका निभाएगा। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, विशेष आमंत्रित अतिथि डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, भारतीय स्वास्थ्य विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद तथा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

Ravindra Singh Bhatia
Ravindra Singh Bhatiahttps://ppnews.in
Chief Editor PPNEWS.IN. More Details 9755884666
RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Would you like to receive notifications on latest updates? No Yes