जशपुरनगर:-
शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षकों के ही पदोन्नति किये जाने के बाद शिक्षक संगठनों ने मिलकर मोर्चा खोल दिया है, शिक्षक संघर्ष मोर्चा गठित करते हुए वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति देने हेतु मांग किया गया है, शिक्षकों की बहुप्रतिक्षित विषय पर मुख्य शिक्षक संगठन की एका हो गई है, ज्वलन्त विषय को ध्यान में रखते हुए संजय शर्मा, विरेंद्र दुबे व केदार जैन ने वर्चुअल बैठक कर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा का गठन किया, जिसमें शिक्षक हित के समस्त मुद्दे व विषय शामिल किए जाएंगे, शिक्षक संघर्ष मोर्चा के साथ शिक्षकों की सभी जिले में 16 अगस्त 2026 को विचार समन्वय बैठक तय किया गया है।
वर्चुएल बैठक में यह तय हुआ की 18 अगस्त को शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, व डीपीआई को शिक्षकों के ज्वलन्त विषय समस्त स्तर के पदोन्नति हेतु टेट की अनिवार्यता जो भर्ती व पदोन्नति नियम के विपरित है, इस निर्देश को वापस लिया जावे। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा 2028 तक दिये गए छूट अनुसार शिक्षकों को उनके वरिष्ठता के आधार पर रिक्त समस्त पदों पर पदोन्नति दिया जावे। इसके साथ ही मुख्य 5 विषयों को चिन्हांकित करते हुए ज्ञापन में शामिल किया जाएगा, एवं शिक्षकों की आवश्यकता के अन्य विषय भी शामिल किए जाएंगे, बैठक में सभी संघों के प्रमुख पदाधिकारी संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, केदार जैन, सुधीर प्रधान, गिरजाशंकर शुक्ला, देवनाथ साहू, धर्मेश शर्मा, चंद्रशेखर तिवारी, संतोष टांडे, जितेंद्र शर्मा, एलडी बंजारा, अनिल रावत, तनु ठाकुर, जयेश टोपनो, अनिल श्रीवास्तव शामिल हुए। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के द्वारा निम्न 5 विषय पर प्रभावपूर्ण मांग प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा-
- वरिष्ठता के अनुसार व्याख्याता, शिक्षक, प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला में टीईटी शर्त के बिना समस्त पदों पर पदोन्नति किया जावे।
- पूर्व सेवा अवधि की गणना पूर्ण पेंशन के लिए किया जावे।
- वेतन विसंगति को दूर करने केंद्रीय वेतनमान के आधार पर छत्तीसगढ़ के शिक्षकों का वेतन निर्धारण किया जावे।
- विसंगतियुक्त 13 फरवरी 2026 के नया भर्ती एवं पदोन्नति नियम को निरस्त किया जावे।
- प्रशिक्षित सहायक शिक्षक, शिक्षक व व्याख्याता को बीएड हेतु विभागीय ब्रिज कोर्स कराया जावे।

