
जशपुर। बांस की खुशबू, सृजन की कल्पना और आत्मनिर्भरता के संकल्प से सराबोर ग्राम पंचायत लोखंडी में आयोजित 30 दिवसीय बंबू क्राफ्ट एवं फर्नीचर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती रायमुनी भगत की गरिमामयी उपस्थिति ने प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया। पूरे कार्यक्रम में कौशल, संस्कृति और स्वरोजगार का सुंदर संगम देखने को मिला।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर की धरती प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ प्रतिभाओं की भी धनी है। यहां की पारंपरिक बांस शिल्प, चटाई बुनाई और लकड़ी की कारीगरी केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि इस अंचल की सांस्कृतिक पहचान भी हैं। उन्होंने कहा कि पुरुषों और महिलाओं की समान सहभागिता ने इन पारंपरिक कलाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
उन्होंने विशेष रूप से जशपुर की महिला स्व-सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि आज वे अपनी मेहनत, अनुशासन और कार्यकुशलता के बल पर पूरे छत्तीसगढ़ में अलग पहचान स्थापित कर रही हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल हुनर को निखारते हैं, बल्कि ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर भविष्य का मजबूत आधार भी तैयार करते हैं।
विधायक ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार आमजन की प्रतिभा को अवसरों से जोड़ने तथा स्वरोजगार के नए द्वार खोलने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा प्रारंभ की गई खाद्य सुरक्षा योजना की सराहना करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया तथा कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहा है।
समापन समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों का सम्मान एवं उत्साहवर्धन किया गया। उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल स्वरोजगार की कामना करते हुए उन्हें अपने कौशल को रोजगार में बदलने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, विजय सहाय, विजय प्रसाद, प्रशिक्षण अधिकारी, प्रशिक्षार्थी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन उत्साह, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ हुआ।

