
जशपुर
बाबा भगवान राम ट्रस्ट के वर्तमान अध्यक्ष पूज्यपाद गुरूपद संभव राम जी के निर्देशन में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रारंभ किए गए चक्षु अभियान के तहत विकास खंड मनोरा के ग्राम रजला में एक दिवसीय निःशुल्क नेत्र चिकित्सा सह अन्य रोग चिकित्सा शिविर का आयोजन 13 सितंबर 2026 दिन रविवार को किया गया।
यह शिविर शासकीय प्राथमिक शाला रजला के प्रांगण में प्रातः 10:30 बजे ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा गुरुपद संभव राम जी द्वारा परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के तैलचित्र पर विधिवत पूजन-आरती एवं नारियल फोड़कर शुभारंभ किया गया, शिविर के प्रारंभ में पूज्यपाद बाबा द्वारा पूरे शिविर का निरीक्षण कर चिकित्सकगणों को क़लम प्रदान किया गया उक्त शिविर सायं 4:30 बजे तक अनवरत चलता रहा।
शिविर में कुल 550 मरीजों की चिकित्सा की गई जिसमें 242 मरीजों के नेत्र परीक्षण के पश्चात 226 मरीजों को तत्काल पावर वाले चश्मे एवं आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क प्रदान की गईं। नेत्र परीक्षण की सेवा श्री टी. पी. कुशवाहा एव श्रीमती सविता नन्दे नेत्र सहायक (जशपुर) द्वारा दी गई । शिविर के दौरान चिन्हित 21 मोतियाबिंद के मरीजों को जशपुर जाकर ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई।
अन्य रोगों की चिकित्सा हेतु डॉ. आर.के.सिंह वरिष्ठ सर्जन ,जशपुर डॉ रुद्र कश्यप, शिशु रोग विशेषज्ञ,गुमला एव डॉ आशुतोष त्रिपाठी,होमियोपैथ वाड्रफनगर ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। अन्य रोगों से पीड़ित 308 मरीजों की जाँच कर उन्हें आवश्यक दवाइयाँ दी गईं।शिविर ग्राम रजला ,कलारू,सुरजुला,पोड़ीपटकोना,मुटु,जकबा,बोरोकोना,खुंटापानी,शैला आदि अन्य ग्रामो से बड़ी संख्या में मरीज आये थे ,शिविर में रक्त शर्करा ,बी पी जाँच की भी व्यवस्था की गई थी। शिविर का समापन सायं 4:30 बजे पूज्यपाद गुरुपद बाबा द्वारा परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के चित्र पर आरती के बाद जयकारी के पश्चात किया गया
शिविर को सफल बनाने में ब्रह्मनिष्ठालय सोगड़ा,वामदेवनगर अघोर पीठ गम्हरिया एव श्री सर्वेश्वरी समूह गुमला के स्वम सेवको का विशेष सहयोग रहा।
शिविर की व्यवस्थाओं मे कमल दूबे, प्रवीण सिन्हा, विरेन्द्र सिन्हा के अतिरिक्त तरुण कुमार पटेल,विकास खंड शिक्षा अधिकारी ,मनोरा , मनोज सिंह,मंडल संयोजक,मनोरा श्रीमती पुष्पा बाई,हॉस्टल अधीक्षक,रजला सुश्री वंदना मांझी,प्राध्यापक प्राथमिक शाला रजला श्री राजेश विश्वकर्मा,संकुल समन्वयक,कलारू का उल्लेखनीय योगदान रहा।

