केंद्रीय वेतन आयोग की अनुशंसा राज्य में भी लागू हो- फेडरेशनकेन्द्रीय एवं राज्य के कर्मचारियों के लिये मुद्रास्फीति (inflation) एक समान है, सेवा/पेंशन लाभ एक हो- राजेश चटर्जी जशपुर आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का गठन नवंबर 2025 में जस्टिस रंजना प्रसाद देसाई (सेवानिवृत्त जज सुप्रीम कोर्ट) के अध्यक्षता में हुआ था। कर्मचारियों के वेतन संरचना,भत्ते एवं अन्य सेवा/पेंशन लाभ 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है।केंद्रीय कर्मचारियों के साथ साथ राज्य के कर्मचारियों को काफी उम्मीदें हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने 8 वे वेतन आयोग को ई-मेल द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उक्त जानकारी देते हुए फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने बताया कि वेतन मैट्रिक्स में फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) जोकि 7 वें वेतनमान में 2.57 था,को, 8 वे वेतनमान में 3.68 %/3.83 % करने का सुझाव दिया है।यदि इसे स्वीकार किया जाता है,तो न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Basic Pay) ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 प्रति माह हो सकता है। शासकीय विभागों के उच्च पदों पर संविदा नियुक्ति (contractual recruitment) के स्थान पर इनके फीडर पदों से पदोन्नति अथवा सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने का सुझाव दिया है। उन्होंने बताया कि 12 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए,न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹69,000 के आसपास तय की जानी चाहिए।महंगाई भत्ता/राहत (DA/DR) का विलय का सुझाव: वर्तमान में (जनवरी 2026 से) 60% DA मिल रहा है। इसके 50% को 8 वें वेतन आयोग के लागू होने पर मूल वेतन में मर्ज (विलय) किया जाना चाहिए। इससे नए वेतन की गणना किया जाना चाहिए।अंतिम निर्णय होते तक अंतरिम राहत (interim relief) के घोषणा का सुझाव दिया है। चूंकि 8 वां वेतनमान 1 जनवरी 26 से प्रभावशील होगा अतः वेतन एरियर्स के भुगतान के तरीका का उल्लेख रिपोर्ट में करने का आग्रह किया है।सालाना वेतन वृद्धि (Annual Increment) सुझाव: सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने का सुझाव दिया है। ताकि बढ़ती महंगाई के साथ सैलरी का तालमेल बना रहे। उन्होंने बताया कि न्यू पेंशन स्कीम (NPS) के स्थान पर और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करने का सुझाव दिया गया है।जोकि कर्मचारी एवं उसके परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक है।जनवरी 26 से न्यूनतम पेंशन ₹ 9000 में सम्मानजनक वृद्धि का सुझाव दिया है।गृहभाड़ा भत्ता (HRA) को बढ़ाकर 30% (Z श्रेणी),Y 35 % और X को 40% करने का सुझाव दिया है।ऑफिस के काम को डिजिटल बनाने के लिए ₹2,000 का मासिक इंटरनेट भत्ता। सेवाकाल में न्यूनतम 3 सुनिश्चित प्रमोशन का प्रस्ताव दिया है।सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष करने का सुझाव दिया है।ग्रैच्युटी की सीमा बढ़ाकर ₹ 50 लाख करने का सुझाव दिया है। केंद्रीय वेतन आयोग के सिफारिशों को राज्य सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए लागू करने का सुझाव दिया है।

