खरसोता, मनोरा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसोता, विकासखंड मनोरा, जिला जशपुर (छत्तीसगढ़) में विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से बाल कैबिनेट का चुनाव के माध्यम से गठन किया गया। विद्यालय के प्राचार्य श्री डी.के. राम तथा वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती जगमईत भगत एवं श्रीमती निर्मला भगत की उपस्थिति में मतदान प्रक्रिया संपन्न हुई।
मतदान के उपरांत विद्यार्थियों ने अपने प्रतिनिधियों का चयन किया। बाल कैबिनेट में शाला नायक गौरव निराला, उपशाला नायक विद्यावती, अनुशासन मंत्री सचेत भगत, उप अनुशासन मंत्री मानसी भगत, सांस्कृतिक मंत्री संतोषी भगत, उप सांस्कृतिक मंत्री प्रतिज्ञा भगत, क्रीड़ा मंत्री विनय प्रधान, उप क्रीड़ा मंत्री अजिता भगत, बागवानी मंत्री आशा बाई, उप बागवानी मंत्री धर्मराज नागवंशी, स्वच्छता मंत्री अमृता भगत तथा उप स्वच्छता मंत्री अश्वन केरकेट्टा निर्वाचित हुए।
नव निर्वाचित बाल कैबिनेट के सदस्यों का विद्यालय परिसर में आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान शपथ ग्रहण समारोह भी कराया गया। इस अवसर पर प्राचार्य श्री डी.के. राम ने सभी निर्वाचित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य श्री डी.के. राम ने कहा कि—
“बाल कैबिनेट केवल पद और जिम्मेदारी का नाम नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को लोकतंत्र, नेतृत्व, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का व्यवहारिक अनुभव देने का माध्यम है।”
इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक श्री रोपना उरांव, श्री रामपति पैंकरा, श्री अजीत मिश्रा, श्री सुकदेव कुर्रे,श्री संदीप भगत, श्रीमती बीना कुजूर, श्रीमती मीना भगत, श्रीमती अष्टमी यादव सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।
विद्यालय से-बाल कैबिनेट का चुनाव विद्यार्थियों के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने का एक प्रभावी माध्यम बना। मतदान, उम्मीदवारों का चयन, प्रतिनिधित्व, जिम्मेदारी और शपथ ग्रहण जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से बच्चे लोकतंत्र की वास्तविक कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे।
विद्यार्थियों के लिए
“आज का विद्यार्थी केवल कल का नागरिक नहीं, बल्कि आज से ही देश के भविष्य का निर्माता है। मतदान से चुना गया प्रत्येक प्रतिनिधि हमें यह सिखाता है कि अधिकार के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। विद्यालय में सीखा लोकतंत्र ही आगे चलकर मजबूत राष्ट्र की नींव बनेगा।”
बाल कैबिनेट के गठन से विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच नेतृत्व, सहयोग, अनुशासन, स्वच्छता, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

