मनोरा
विकासखंड मनोरा के संकुल केंद्र अंधरझर के प्राथमिक शाला बहेराकोना में इबारती सवाल शिक्षण पर गणित पढ़ाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए डेमो कार्यशाला विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल, सहायक शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम एवं स्रोत समन्वयक आशुतोष शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य गणित शिक्षण की शिक्षण शास्त्रीय प्रविधि को व्यवहारिक धरातल पर उतारते हुए बच्चों के बीच शिक्षण करते हुए शिक्षकों के लिए देखने व एक दूसरे से सीखने का मौका उपलब्ध कराना था प्राथमिक शाला बहेराकोना के सहायक शिक्षक कालेश्वर राम सारस ने अपने स्कूल के कक्षा तीसरी से पांचवीं कक्षा के 14 बच्चों को इबारती सवाल को आसान प्रक्रिया से हल करना सिखाया।
डेमो के आरम्भ में शिक्षक ने बच्चों से दैनिक जीवन के प्रसंग को इबारती सवाल के रूप में बच्चों के समक्ष रखते हुए मौखिक तौर पर हल कराया। इससे बच्चों के पूर्व ज्ञान को जोड़ते हुए लिखित इबारती सवाल रखा गया। फिर सवाल को बच्चों को पढ़ने का मौका दिया गया और सवाल में क्या दिया गया है और निकालना क्या है? इसे समझने पर बच्चों से बच्चों से बातचीत की। बच्चे जब सवाल को समझ गए तब उन्होंने उसे हल करने की आसान प्रक्रिया से हल करना सिखाया। ऐसे ही दो तीन परिवेश से जुड़े हुए इबारती सवाल को उन्होंने विहित चरण के तहत हल करना सिखाया। बच्चों ने मजे मजे में इबारती सवाल को समझना और उसे हल करने की प्रक्रिया सीखी। इसके बाद बच्चों को खुद से हल करने हेतु कई इबारती सवाल दिए गए और बच्चों ने रुचिपूर्वक उसे हल किए।आमतौर पर इबारती सवाल बनाने में बच्चे चुनौती महसूस करते हैं। वे समझ नहीं पाते कि कौन से इबारती सवाल में कौन सी संक्रिया करनी है! वे शिक्षक से पूछते हैं कि इस वाले सवाल में क्या करना है? लेकिन जब इबारती सवाल को बच्चे सही ढंग से समझना और उसे हल करने के चरणों को सीख जाते हैं, तब उनके लिए इबारती सवाल हल करना आनंद का विषय बन जाता है। सीखना जब आनंददायक बन जाता है
उक्त प्रक्रिया के अगले चरण में बच्चों को खुद से इबारती सवाल निर्माण करने तथा उसे हल करने की गतिविधि कराई गई।
कार्यशाला में संकुल केंद्र अंधरझर, बहेरना एवं आमगांव के सभी प्राथमिक शालाओं के गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों ने सहभागिता की। डेमो कार्यशाला के आयोजन में अंधरझर संकुल के समन्वयक जगेश्वर प्रसाद यादव, आमगांव संकुल के समन्वयक पवन कुमार सिंह, गीधा संकुल के समन्वयक रामलखन यादव एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के सदस्य मुकेश कुमार की अहम भूमिका रही। कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रधान पाठकों एवं शिक्षकों में हिरमुनिया बाई, जयधर राम बुनकर, शिवकुमार यादव, दया टोप्पो, सिलवीनू टोप्पो, कपिल तिर्की, कमलेश निषाद, परमानंद राम, राजनाथ राम, हरेन्द्र कुमार सिंह सहित कई अन्य उपस्थित हुए।

