Thursday, November 5, 2026
No menu items!
HomeBlogसेजेस - पतराटोली में विश्व मानसिक स्वास्थ्य तथा बाल - विवाह मुक्त...

सेजेस – पतराटोली में विश्व मानसिक स्वास्थ्य तथा बाल – विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ कार्यक्रम संपन्न”

“

द्वारा: श्री व्ही. एक्का ( व्याख्याता)

जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि मंडल द्वारा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालय – पतराटोली, विकासखंड- दुलदुला जिला जशपुर छ ग में एक दिवसीय ” विश्व मानसिक स्वास्थ्य तथा बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” कार्यशाला का आयोजन आज दिनांक 04 नवंबर 2026 को किया गया। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस प्रतिवर्ष 10 अक्टूबर को मनाया जाता है। तब से लेकर आज तक जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में जिला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस प्रकार के कार्यशाला का आयोजन छात्र – छात्राओं के माध्यम से समाज में जन जागृति के कार्यक्रम स्वच्छ एवं सुंदर समाज के निर्माण हेतु किया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रथम मार्गदर्शन श्रीमती नेहा नायक ( जिला – कार्यक्रम नोडल) के द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य विषय पर विस्तार से चर्चा किया गया। उक्त कार्यशाला में आपने शासन द्वारा संचालित – मिशन शक्ति योजना, समर्थ, सखी सेंटर, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, लिंगानुपात जिसमें छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले को शामिल होना बताया गया। आपने बताया कि – एक महिला जो किसी भी प्रकार से प्रताड़ित, सामाजिक कुरीतियों द्वारा प्रभावित, घरेलू हिंसा एवं अन्य किसी भी प्रकार से मानसिक , शारीरिक, भावनात्मक रूप से परेशान हो “सखी सेंटर ” हेतु शासन द्वारा जारी नंबर 181 पर फोन कर त्वरित एवं तत्काल सहायता प्राप्त किया जा सकता है। सखी वन स्टेप सेंटर के द्वारा – काउंसलिंग – परामर्श , विधिक – सहायता, पांच दिवस तक निशुल्क आश्रय, निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं आदि आवश्यक सहायता प्रदान किया जाता है। कार्यक्रम की दूसरी वक्ता श्रीमती लीलावती सिंह जी के द्वारा “चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098 ” के संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए बताया कि समाज में अनाथ, बेघर, बेसहारा गुमशुदा बच्चों के लिए अलग अलग -बाल आश्रय गृह (बालक एवं बालिकाओं) हेतु संचालित किया जा रहा है। आपने उक्त कार्यशाला के दरमियां – शिक्षा के अभाव में किस प्रकार बालक – बालिकाएं मानव तस्करी, व्यापार, यौन – शोषण, बाल-विवाह, अच्छी कमाई, वेतन के झांसे, नौकरी तथा अन्य कई प्रकार के झांसे में आकर समस्या में किस प्रकार फंस जाते हैं – विस्तार से समझाया गया। आपने बाल विवाह के दुष्परिणाम तथा देश के माननीय एवं यशस्वी प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी के 2030 के बाल विवाह मुक्त भारत की परिकल्पना को विस्तार पूर्वक बताया गया। बालकों के कुल चार अधिकार : प्रथम – जन्म लेने का अधिकार, द्वितीय – सर्वांगीण विकास का अधिकार, तृतीय – बाल संरक्षण का अधिकार, चतुर्थ – सहभागिता का अधिकार आदि की व्याख्या उदाहरण सहित किया गया। कार्यक्रम में बाल – श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी, संबल योजना, मिशन शक्ति, महतारी वंदन, लिंगानुपात, बेटी पढ़ाओ , बेटी बचाओ अभियान, नोनी सुरक्षा योजना, कन्या समृद्धि योजना, बाल अधिकार, तथा बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ आदि बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया। कार्यक्रम – संचालन संस्था के वरिष्ठ शिक्षकों श्री व्ही एक्का ( व्याख्याता) द्वारा तथा कार्यक्रम में मुख्यरूप से श्री आलोक गुप्ता (व्याख्याता), श्री एम के विद ( व्याख्याता) , श्री शुक्ला सर ( व्याख्याता) ,सुश्री अंजली एक्का, श्रीमती तनुजा यादव, संस्था के समस्त छात्र – छात्राएं एवं समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

Ravindra Singh Bhatia
Ravindra Singh Bhatiahttps://ppnews.in
Chief Editor PPNEWS.IN. More Details 9755884666
RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Would you like to receive notifications on latest updates? No Yes