Saturday, July 13, 2024
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शिक्षक केवल पढ़ायें नहीं बल्कि बच्चे कैसे सीखतें है यह सिखायें – विनोद गुप्ता,यशस्वी जशपुर के तहत शैक्षिक गुणवत्ता के लिए कार्यशाला

जशपुरनगर,
मास्टर ट्रेनर्स को अपने विषय में जिले के विद्यालयों का कक्षा दसवी एवं बारहवी का परिणाम देखकर विश्लेषण कर उसके अनुरूप शिक्षकों के उन्मुखीकरण में शिक्षकों को प्रशिक्षण देना चाहिए ।
उक्त विचार यशस्वी जशपुर के मास्टर ट्रेनर्स को संकल्प शिक्षण संस्थान में आयोजित बैठक में यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि जिले के शा. हाई स्कुल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालय में कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं में अध्यापन करने वाले शिक्षक अपने अध्यापन विषय में बच्चों के लिए बेहतर क्या और कैसे कर सकें यह बात मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण में अवश्य बतायें । सभी अपने विषय में ऐसी कार्य योजना बनायें कि सभी विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत हो । उन्होंने कहा कि सभी विषय शिक्षकों को विद्यालय में विषय के प्रश्नों की विद्यार्थियों के बीच क्वीज प्रतियोगिता अवश्य करानी चाहिए एवं शिक्षकों को विषयवस्तु को खेल-खेल में बताना चाहिए ताकि बच्चे को विषयवस्तु की बेहतर समझ विकसित हो सके । श्री गुप्ता ने कहा कि शिक्षक को अपने विषय का पाठ्यक्रम समाप्ति पश्चात् बच्चों से प्रश्न बनवाने चाहिए और संकलित कर प्रश्नों का चयन शिक्षक को कराना चाहिए । बच्चों के लिए प्रश्न का उत्तर देना आसान होता है, प्रश्न बनाना कठिन । यदि विद्यार्थी प्रश्न बना लेते है तो इसका अर्थ यह होता है कि उन्हें विषय वस्तु की समझ हो गई है l जो विद्यार्थी जितनी अधिक संख्या में अच्छे प्रश्न बनाते है उनकी उस विषयवस्तु में उतनी ही अच्छी समझ होती है । हमें बच्चों की क्षमता का आंकलन कर बताना है कि उन्हें अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करके कैसे सीखा जाता है । इसके लिये कक्षा में स्व अध्ययन हेतु आदत विकसित करना होगा, तभी निर्धारित समय में पाठ्यक्रम पूर्ण होगा और विद्यार्थी विभिन्न विषयों में दक्ष होगा । शिक्षकों को प्रतिदिन बच्चों को गृहकार्य देना चाहिए और उसका मूल्यांकन करना चाहिए एवं शिक्षक गृह कार्य का उल्लेख प्रतिदिन डेली डायरी में करें तथा प्राचार्य द्वारा रोटेशन के आधार पर प्रतिदिन शिक्षक डायरी का अवलोकन करना चाहिए ।
इस बैठक में अर्थशास्त्र के शिक्षक विमल मनहर ने कहा कि शिक्षकों को सत्र प्रारंभ से ही स्मार्ट पढ़ाई प्रारंभ करना चाहिए । कोशिश यह करनी चाहिए कि बच्चे को विषयवस्तु अच्छे तरह समझ आ जाये और उसे ज्यादा मेहनत न करना पड़े । राजनीति शास्त्र के शिक्षक विध्यांचल शर्मा ने कहा कि जिन विषयों में प्रोजेक्ट वर्क होता है उसमें ऐसे प्रश्न चयनित करके देना चाहिए कि उसमें से अधिकांश प्रश्न वार्षिक परीक्षा में आये । लेखाशास्त्र के शिक्षक संजय कंसारी ने कहा कि बच्चों में विषयवस्तु की समझ ऐसी विकसित करें कि बेहतर परिणाम प्राप्त हो ।
बैठक में जशपुर जिले के कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं में अध्यापन करने वाले शिक्षकों के लिए आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के सभी बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गई । बैठक में यशस्वी जशपुर के सभी मास्टर ट्रेनर्स यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पाण्डेय, संजय दास उपस्थित थे ।

Ravindra Singh Bhatia
Ravindra Singh Bhatiahttps://ppnews.in
Chief Editor PPNEWS.IN. More Details 9755884666
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