Sunday, April 19, 2026
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अब कॉलेजों में पढ़ाई जाएगी बाल सुरक्षा, डॉ. वर्णिका शर्मा बोलीं—हर छात्र बनेगा बच्चों के अधिकारों का प्रहरी…

रायपुर। रक्षक पाठ्यक्रम केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक सशक्त सामाजिक अभियान है। हम सभी का सामूहिक प्रयास है कि इस पहल को अंतिम स्वरूप देकर इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाए, जिससे आने वाली पीढ़ी सुरक्षित एवं जागरूक बन सके।

यह बात विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और सुरक्षा संबंधी विषयों में प्रशिक्षित करने आज रायपुर में “रक्षक” पाठ्यक्रम के अंतर्गत तैयार उप-इकाइयों (सब-यूनिट्स) को अंतिम रूप प्रदान करने विश्वविद्यालयीन परामर्श बैठक की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कही।

इस बैठक में राज्य के तीन शासकीय और तीन प्राइवेट विश्वविद्याल शामिल हुए जिसमें पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय (सरगुजा), श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (भिलाई), एमिटी यूनिवर्सिटी एवं अंजनेय यूनिवर्सिटी के कुलपति, कुलसचिव और अधिकृत प्रतिनिधि एवं विषय विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

बैठक का मुख्य उद्देश्य रक्षक पाठ्यक्रम के अंतर्गत तैयार किए गए उप-इकाइयों पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अंतिम स्वरूप प्रदान करना रहा, ताकि पाठ्यक्रम को आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। इस दौरान सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को अपने सुझाव एवं विचार साझा करने हेतु आमंत्रित किया गया तथा पाठ्यक्रम का गहन मूल्यांकन किया गया। विभिन्न विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए पाठ्यक्रम की उपयोगिता, संरचना एवं व्यवहारिक पहलुओं पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

बैठक में उपस्थित सभी कुलपतियों, कुलसचिव, एवं प्रतिनिधि प्रोफेसर्स ने आयोग की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया और इसके सफल क्रियान्वयन हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। आयोग को विश्वास है कि “रक्षक” पाठ्यक्रम को शीघ्र ही राज्य के महाविद्यालयों में लागू किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों के संरक्षण को मजबूती मिलेगी और बच्चों के सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, रायपुर द्वारा “रक्षक (RAKSHAK) पाठ्यक्रम” को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। “रक्षक” पाठ्यक्रम एक विशेष शैक्षणिक पहल है, जिसका उद्देश्य महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा समाज में बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।

इस पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु पूर्व में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के सहयोग से एमओयू संपन्न किया गया था। यह एमओयू राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में “रक्षक” पाठ्यक्रम को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा है।

Ravindra Singh Bhatia
Ravindra Singh Bhatiahttps://ppnews.in
Chief Editor PPNEWS.IN. More Details 9755884666
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