मनोरा ।

जशपुर जिले के विकासखंड मनोरा अंतर्गत वनांचल संकुल केंद्र आमगांव के प्राथमिक शाला ऊपर आमगांव में हिंदी भाषा के शिक्षकों के लिए कविता शिक्षण पर एक दिवसीय संकुल स्तरीय डेमो कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल, सहायक शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम एवं स्रोत समन्वयक आशुतोष शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कविता शिक्षण की प्रविधियों को व्यावहारिक रूप से कक्षा में लागू करना और शिक्षकों को आपस में एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर प्रदान करना था।
पठन-पाठन
कार्यशाला के दौरान प्राथमिक शाला ऊपर आमगांव की सहायक शिक्षिका स्वरूप किरण मिंज ने कक्षा दूसरी की कविता “तितली और कली” पर बच्चों के साथ शिक्षण का जीवंत प्रदर्शन (डेमो) किया। शिक्षिका ने बच्चों के व्यक्तिगत अनुभवों, तितली, फूल, कली और रंगों पर चर्चा कर पाठ की शुरुआत की।
पाठ्यपुस्तक के चित्रों को देखकर बच्चों को अपनी बात रखने और मौखिक अभिव्यक्ति के पर्याप्त अवसर दिए गए।
शिक्षिका ने बच्चों को घेरे में खड़ा कर हाव-भाव के साथ कविता गाकर सुनाई, जिस पर बच्चे भी झूमते हुए गाते नजर आए। अगले चरणों में कविता के भाव-बोध के साथ आदर्श पठन, साझा पठन और स्वतंत्र पठन कराया गया। इसके अलावा वाक्य पट्टी व्यवस्थित करने, शब्द कार्ड जोड़ने, शब्द जाल और तुकांत शब्द बनाने जैसी गतिविधियों से बच्चों को पढ़ने-लिखने के अवसर दिए गए।
डेमो कक्षा के पश्चात उपस्थित शिक्षकों ने शिक्षण पद्धतियों और अभ्यासों पर समीक्षात्मक चर्चा की, जिससे कविता शिक्षण को लेकर अवधारणात्मक स्पष्टता बन सके। शिक्षकों का मानना था कि इस गतिविधि आधारित पद्धति से बच्चों के लिए समझ के साथ पढ़ना और लिखना बेहद आसान और आनंददायक हो जाएगा।कार्यक्रम के सफल आयोजन में आमगांव संकुल समन्वयक लक्ष्मीनारायण भगत, अंधरझर संकुल समन्वयक जेपी यादव, बहेरना संकुल समन्वयक उपेंद्र कुमार पंकज तथा अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधि मुकेश कुमार का विशेष योगदान रहा।
इस कार्यशाला में संकुल केंद्र अंधरझर, बहेरना और आमगांव के प्राथमिक विद्यालयों के हिंदी शिक्षकों एवं प्रधान पाठकों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से हिरमुनिया बाई, जयधर राम बुनकर, उर्सुला तिग्गा, शिवकुमार यादव, दया टोप्पो, बसंत राम, कपिल तिर्की और कमलेश निषाद उपस्थित रहे।

