*विकास खंड मनोरा के कांची में कहानी शिक्षण कार्यशाला सम्पन्न
मनोरा । विकासखंडमनोरा के संकुल केंद्र बहेरना के प्राथमिक शाला चर्चपारा कांची में कहानी शिक्षण पर हिंदी भाषा पढ़ाने वाले शिक्षक – शिक्षिकाओं के लिए डेमो कार्यशाला आयोजित की गई। विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री तरुण पटेल, सहायक शिक्षा अधिकारी श्री जगतपाल राम एवं स्रोत समन्वयक श्री आशुतोष शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य कहानी शिक्षण की प्रविधियों को व्यवहारिक धरातल पर उतारते हुए बच्चों के साथ शिक्षकों के लिए देखने व एक दूसरे से सीखने का मौका उपलब्ध कराना था।
विकास खंड मनोरा के वनांचल ग्राम प्राथमिक शाला चर्चपारा कांची की सहायक शिक्षिका अनुराधा सिंह ने कक्षा चौथी की कहानी “आसमान गिरा” पर बच्चों के साथ शिक्षण का डेमो किया। डेमो का आरम्भ पूर्व ज्ञान से पाठ को जोड़ने हेतु बच्चों से उनके अनुभवों पर बातचीत के माध्यम से की। इस दौरान बच्चों ने अपने गिरने फिसलने और कोई वस्तु गिरती है तो उससे किस तरह की आवाज निकलती है, से जुड़े अनुभवों को सामने रखा। इसके बाद संबंधित पाठ में दिए गए चित्र को दिखाते हुए बच्चों को मौखिक अभिव्यक्ति और चित्र पठन के मौके दिए गए। बच्चों ने कक्षा का आनंद लेते हुए बारी- बारी से अपनी बात रखी। शिक्षिका ने बच्चों को पूरे हाव-भाव के साथ टीएलएम का उपयोग करते हुए इस कहानी को सुनाया और बच्चों ने पूरे मनोयोग से सुने उक्त प्रक्रिया के अगले चरण में कहानी पर चर्चा, उसके भाव को समझाना, आदर्श पठन, साझा पठन एवं स्वतंत्र पठन की गतिविधि की गई। उसके उपरांत बच्चों को पाठ से कठिन शब्दों को ढूंढकर लिखने कहा। शिक्षिका ने बच्चों से पूछते हुए उसे श्यामपट्ट पर लिखा, फिर सभी बच्चों को इसे पढ़ने का अवसर दिया। शब्द जाल एवं तुकांत शब्द निर्माण की गतिविधि कराते हुए बच्चों को उसे पढ़ने- लिखने के मौके दिए गए। बच्चों की जबरदस्त सहभागिता को देखते हुए अनुभव हुआ कि इस प्रक्रिया के तहत बच्चों को कहानी शिक्षण कराया जाएगा तो हमारे बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया आसान और सरल हो जाएगी कक्षा का प्रत्येक बच्चा समझ के साथ पढ़ना -लिखना सीखेगा।
कार्यशाला में संकुल केंद्र बहेरना के प्राथमिक शालाओं के भाषा पढ़ाने वाले शिक्षकों ने सहभागिता की कार्यशाला के आयोजन में बहेरना संकुल के समन्वयक उपेंद्र कुमार पंकज एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के सदस्य मुकेश कुमार की अहम भूमिका रही। कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रधान पाठकों एवं शिक्षकों में कमल खलखो, धनमईत बाई, अमोस खलखो, हरमोन कुजूर सहित कई अन्य उपस्थित हुए। उक्त अवसर पर अंधरझर के संकुल समन्वयक जगेश्वर प्रसाद यादव विशेष तौर पर उपस्थित हुए।

