रायपुर। रायपुर के मंदिर हसौद स्थित मिवान स्टील प्लांट में कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दिया है। बार-बार आवेदन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होने से नाराज़ सैकड़ों मजदूरों ने काम का बहिष्कार कर दिया और प्लांट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बंटी मिश्रा और अन्य कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि इस कंपनी में कोई भी नियम-कानून का पालन नहीं हो रहा है। उनसे बंधुआ मजदूरों की तरह मजदूरी कराई जाती है। कंपनी उन्होंने कहा कि प्रबंधन द्वारा किए जा रहे शोषण के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है। हमारी निम्नलिखित मांगें लंबे समय से लंबित हैं, जिन्हें शीघ्र पूरा किया जाना आवश्यक है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने अपनी मांगें बताई है, जिसमें बताया गया कि उनके वेतन में उचित वार्षिक वृद्धि की जाए, जो यहां नहीं की जाती। ओवरटाइम का भुगतान डबल हाजिरी के रूप में किया जाए, अलग-अलग बहाने बनाकर काम से ओवरटाइम कराया जाता है, लेकिन इसका कोई भुगतान नहीं होता है। त्योहार के दिन कार्य करने पर दोगुना वेतन दिया जाए, काम करने पर भी वेतन नहीं दिया जाता। प्रत्येक माह 4 सवेतन अवकाश प्रदान किए जाएं, जिसका वेतन नहीं कटेगा। 1 घंटे ओवरटाइम पर 4 घंटे का वेतन दिया जाए।
सभी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र एवं वेतन पर्ची दी जाए। बिना नोटिस और ठोस कारण के किसी भी कर्मचारी को कार्य से न निकाला जाए। 5 वर्ष से अधिक कार्यरत कर्मचारियों को स्किल्ड श्रेणी में पदोन्नत किया जाए और 10 वर्ष से अधिक कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी किया जाए।
इसके अलावा सभी कर्मचारियों को ESI और PF की सुविधा दी जाए। भोजन का खर्च कंपनी द्वारा वहन किया जाए और वेतन से कोई कटौती न की जाए। सभी कर्मचारियों को कंपनी कार्ड, सुरक्षा उपकरण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए। त्योहारों में बोनस एवं अन्य कानूनी अधिकार प्रदान किए जाएं। 15 वर्ष से अधिक कार्यरत कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए।
कर्मचारियों के वेतन की वार्षिक समीक्षा की जाए। भट्ठा और गर्म क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को हाई स्किल्ड श्रेणी में रखा जाए। कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही कार्यस्थल आने-जाने के दौरान दुर्घटना होने पर कंपनी द्वारा मुआवजा दिया जाए।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।

