अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम जशपुर, के मुख्य द्वार के पास बनी यह प्रतिकृति आकर्षण का केंद्र बन रही है।
इस चित्र को अंकित करके कल्याण आश्रम ने जशपुर की जनजाति छात्रों के उच्च आकांक्षाओं को प्रतिध्वनित किया है जो आज धरातल से उठ कर आकाश को स्पर्श करने को आतुर हैं।
वनवासी कल्याण आश्रम नगर समिति के सदस्य विवेक पाठक ने बताया कि जशपुर के कई छात्रों के नाम आज मंगल ग्रह की सतह पर नासा के रोवर “पर्सेवरेंस” के साथ चलकदमी कर रहे है, तथा 2024 में एक यान ”यूरोपा क्लिपर ” जो बृहस्पति की ओर उड़ान भर रहा है तथा 2030 तक उसके उपग्रह यूरोपा तक पहुंच कर वहां जीवन की खोज करेगा, के साथ जशपुर के कई छात्रों के नाम चिप के माध्यम से भेजे गए हैं, उन छात्रों को नासा ने एक टिकट भी सबूत के तौर पर भेजा है, उसकी ही प्रतिकृति यहां अंकित है। जशपुर की इन उपलब्धियों पर यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी बधाई दे चुके हैं।
इसके पहले नासा ने अपने यान वॉयेजर के माध्यम से पूरे विश्व से कई प्रकार के आवाजें ,संगीत इत्यादि भी अंतरिक्ष में भेजे है जिससे यदि कोई एलियन सभ्यता अंतरिक्ष में है तो पृथ्वी के जनजीवन के बारे में समझ सके।
इस तरह के मिशन का भाग बनना अपने आप में एक गौरव की बात है।

