मनोरा:
मनोरा
शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बीआरसीसी कार्यालय, मनोरा में विकासखंड शिक्षा विभाग एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संकुल शैक्षिक समन्वयकों (CAC) के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
नवाचार और गतिविधि-आधारित शिक्षण पर जोर
कार्यशाला का मार्गदर्शन विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री तरुण पटेल, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री जगतपाल राम एवं बीआरसीसी श्री आशुतोष शर्मा ने किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण को अधिक रोचक और छात्र-केंद्रित बनाना है। प्रशिक्षकों ने खेल-खेल में ‘दूर-पास’, ‘आगे-पीछे’ एवं ‘छोटा-बड़ा’ जैसी अवधारणाओं को समझाने के गुर सिखाए। साथ ही, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री जैसे पत्तियों, डंडियों और पेंसिल के माध्यम से तार्किक एवं गणितीय समझ विकसित करने के तरीके बताए गए। कार्यशाला में संकुल विकास योजना निर्माण और प्रधान पाठक प्रोजेक्ट पर विस्तृत चर्चा हुई।
लोकतंत्र की पाठशाला: बाल कैबिनेट और बाल शोध
विद्यालयों में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रसार के लिए ‘बाल कैबिनेट’ के गठन और ‘बाल शोध’ को प्रोत्साहित करने की रूपरेखा भी तैयार की गई। इसके अलावा, अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा स्कूलों की मॉनिटरिंग के लिए चेक-लिस्ट और ‘मुस्कान पुस्तकालय’ के संचालन हेतु रजिस्टर प्रारूप उपलब्ध कराए गए। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि पुस्तकालय के रजिस्टरों का संधारण स्वयं बच्चों द्वारा कराया जाए, ताकि उनमें आत्मविश्वास और उत्तरदायित्व की भावना पैदा हो सके।
ये रहे उपस्थित
कार्यशाला में मनोरा विकासखंड के समस्त संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने सहभागिता की, जिनमें प्रमुख रूप से श्री सत्यदीप प्रसाद, श्री अजीत कुमार सिदार, श्रीमती सरिता टोप्पो, श्री लोकनाथ प्रसाद यादव, श्री संजय प्रसाद यादव, श्री राम लखन यादव, श्री निर्दोष कुमार, श्री प्रेम कुमार यादव, श्री प्रेमलाल बर्मन, श्री दिनेश त्रिपाठी, श्री मुनेश्वर यादव, श्री प्रशांत सड़ंगी, श्री विवेक गुप्ता, श्री किशोर यादव, श्री पवन कुमार सिंह, श्री हरीश कुमार महंत, श्री जागेश्वर प्रसाद यादव, श्री उपेंद्र कुमार पंकज, श्री कालेश्वर राम भगत, श्रीमती सुमन भगत, श्री राजेश विश्वकर्मा, श्री सुरेश कुमार राम, श्री लक्ष्मी नारायण भगत, श्री बीरबल राम एवं सुरेश कुजूर सहित अन्य शिक्षाविद उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस पहल से मनोरा के विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था में सकारात्मक और क्रांतिकारी सुधार देखने को मिलेगा।

