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बगीचा | सरकारी स्कूलों के बच्चों को गणित में दक्ष बनाने के लिए जशपुर जिले में एक अभिनव पहल की शुरुआत की गई है। कर्नाटक में सफल रहे कनेक्टेड मॉडल पर आधारित ‘जश-लर्न’ मिशन के तहत अब शिक्षक स्कूल समय के बाद मोबाइल फोन के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से गणित की कोचिंग देंगे। शिक्षा विभाग और यूथ इम्पैक्ट के संयुक्त प्रयास से शुरू की जा रही यह पहल जिले में बुनियादी गणितीय दक्षता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इसी क्रम में बुधवार को आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, बगीचा के सभागार में संकुल समन्वयकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कार्यक्रम की कार्यप्रणाली, विद्यार्थियों के चयन, अभिभावकों की सहभागिता तथा सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक सुभाष प्रभाकरन ने बताया कि प्रारंभिक चरण में यह कार्यक्रम कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों पर केंद्रित रहेगा। स्कूल समय समाप्त होने के बाद गणित शिक्षक ऐसे विद्यार्थियों का चयन करेंगे जिन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता है। इसके बाद अभिभावकों की सुविधा के अनुसार समय निर्धारित कर शिक्षक विद्यार्थियों को सीधे फोन कॉल करेंगे और उन्हें गणित की मूलभूत अवधारणाएं, विशेष रूप से भाग जैसी प्रक्रियाएं समझाएंगे। प्रत्येक कॉल लगभग 30 मिनट से एक घंटे तक की हो सकती है। निर्धारित दक्षता हासिल करने के बाद अन्य विद्यार्थियों को भी चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान विकसित करना विभाग की प्राथमिकता है। ‘जश-लर्न’ मिशन के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग मिलेगा, जिससे गणित के प्रति उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक के बीच बेहतर शैक्षणिक समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीआरसीसी कृष्ण कुमार राठौर, एबीओ दिलीप टोप्पो, एमआईएस प्रभारी ममता शर्मा सहित विकासखंड के सभी संकुलों के सीएसी उपस्थित रहे।

