Monday, May 4, 2026
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पत्थलगांव नगर पंचायत चुनाव-पूर्व अध्यक्ष उर्वशी का मुकाबला होगा संगीता सिंह से,पूर्व विधायक एवम वर्तमान विधायक की प्रतिष्ठा लगी दांव पर,दोनों प्रत्यासी गोंड जनजातीय समाज से,उरांव समाज फिर रेस में पिछड़ा

पत्थलगांव

नगर पंचायत चुनाव हेतु कांग्रेस भाजपा द्वारा अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गयी है

पत्थलगांव नगर पंचायत से निर्वतमान अध्यक्ष एवम पूर्व विधायक श्री रामपुकार सिंह की बहू श्रीमती उर्वशी सिंह पर कांग्रेस ने पुनः विश्वास जताते हुए अपना प्रत्याशी घोषित किया है

वही भाजपा ने श्रीमती संगीता सिंह को प्रत्यासी घोषित किया है

संगीता सिंह राजनैतिक पृष्टभूमि से दूर सामान्य कृषक परिवार कीमृदभाषी शिक्षित महिला है,,

दोनों प्रत्यासी गोंड जनजाति परिवार से होने के कारण रोचक मुकाबला होगा,

एक तरफ पूर्व विधायक श्री रामपुकार सिंह के विधानसभा चुनाव में पराजित होने के बाद यह पहला चुनाव का सामना उनकी बहू श्रीमती उर्वशी सिंह करेंगी ,श्रीमती उर्वशी सिंह को पारिवारिक पृष्ठभूमि का लाभ तो मिलेगा ही स्वयं उर्वशी सिंह ने भी नगर विकास में अपने कार्यकाल में प्रयास किये है फिर भी उनका मुकाबला गोंड समाज की सरल स्वभाव की शिक्षित महिला से हो रहा है तो जातिगत मतों का विभाजन किस करवट बैठेगा यह कहना अभी जल्द बाजी होगी,परंतु वर्तमान में कांग्रेस में कार्यकर्ता अनेक गुटों में बंटे हुए है तथामसीही समाज जो सदैव अपने समाज की उपेक्षा का आरोप कांग्रेस नेताओं पर लगाते रहा है वही फिर से एक बार उरांव समाज को कांग्रेस समर्थक होकर तथा जनजातीय समाज के सर्वाधिक मतदाता होने के बावजूद मेरी तिर्की जैसे योग्य उम्मीदवार होने के बावजूद कांग्रेस का प्रत्यासी न बनाये जाने से समाज छुब्ध है,पर इसका लाभ भाजपा को मिलता भी नहो दिख रहा,

भाजपा छत्तीसगढ़ में सरकार में है,वर्तमान विधायक श्रीमती गोमती साय के लिए अपनी जीत के बाद पुनः पहली बार अपनी प्रतिष्ठा बरकरार रखने का अवसर है उसमें कहा तक सफल होती है यह देखना होगा,हालांकि गोमती साय ने चुनाव पूर्व दूर की कौड़ी फेंकते हुए पत्थलगांव को नगर पालिका घोषित करवा कर मतों को अपने पाले में लाने का प्रयास किया है,तथा निरन्तर क्षेत्र के कार्यक्रमो में उपस्थित रहने का लाभ गोमती साय अपने प्रत्याशी संगीता सिंह को दिला सकेंगी अगर वह स्वयं मैदान में प्रचार करेंगी तब

बहरहाल दोनों दल में गुटबाजी चरम सीमा पर है,पहली बार आधे से अधिक 8 वार्ड अनारक्षित होने के बाद भी अच्छे एवम योग्य उम्मीदवारों को प्रत्याशी न बनाये जाने के परिणाम भी दोनों दलों को भुगतने पड़ सकते है

यहाँ यह कहना भी जरूरी होगा कि दोनों दलों में उत्साह अध्यक्ष पद पर चुनाव से नही बल्कि चुनाव पश्चात उपाध्यक्ष का ओहदा हथियाने को लेकर समीकरण बनाये जा रहे है

Ravindra Singh Bhatia
Ravindra Singh Bhatiahttps://ppnews.in
Chief Editor PPNEWS.IN. More Details 9755884666
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