



पत्थलगांव
नगर के अग्रसेन भवन में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विधानसभा स्तरीय अटल स्मृति सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य अटल जी के राष्ट्रवादी विचारों, सुशासन की अवधारणा, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जनसेवा की भावना को जन-जन तक पहुँचाना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, प्रबुद्धजन एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे शिखर पुरुष थे जिन्होंने विचार, व्यवहार और नेतृत्व — तीनों में मर्यादा स्थापित की। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन सादगी, संवेदनशीलता और समर्पण का प्रतीक था।
श्रीमती साय ने कहा कि आदिवासी, ग्रामीण और वंचित समाज के उत्थान के लिए अटल जी की सोच दूरदर्शी थी। उन्होंने ग्राम सड़क योजना, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े निर्णयों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आज भी देश उन्हीं नीतियों के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।




पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने अपने अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जशपुर प्रवास को याद किया। उन्होंने कहा कि अटल जी का जशपुर आना केवल एक राजनीतिक दौरा नहीं था, बल्कि वह आदिवासी अंचल के प्रति उनके गहरे आत्मीय लगाव का प्रतीक था।
श्री राय ने कहा कि जशपुर प्रवास के दौरान अटल जी ने जिस सरलता से आम जनता से संवाद किया, वह आज भी लोगों के हृदय में अंकित है। उन्होंने बताया कि अटल जी आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और संघर्ष को गहराई से समझते थे और हमेशा मुख्यधारा से जोड़ने की बात करते थे।
उन्होंने आगे कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षण के माध्यम से अटल जी ने देश को सामरिक आत्मनिर्भरता दी, वहीं स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से देश के सुदूर अंचलों को विकास की धारा से जोड़ा।
श्री राय ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि अटल जी के राष्ट्र प्रथम के विचार को जीवन में उतारें और संगठनात्मक मजबूती के साथ समाजसेवा में सक्रिय भूमिका निभाएं।
केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष रामकिशुन सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की आर्थिक दृष्टि में सहकारिता और आत्मनिर्भरता का विशेष स्थान था। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए अटल जी ने सहकारी संस्थाओं को मजबूती दी।
उन्होंने कहा कि आज आत्मनिर्भर भारत की जो संकल्पना साकार हो रही है, उसकी वैचारिक नींव अटल जी के कार्यकाल में ही रख दी गई थी।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी संगठन के प्रति अत्यंत संवेदनशील नेता थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सदैव सम्मान दिया और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना सिखाया।
उन्होंने कहा कि अटल जी ने यह सिद्ध किया कि राजनीति सत्ता का नहीं, सेवा का माध्यम है।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण जिला महामंत्री मनीष अग्रवाल ने दिया। उन्होंने कहा कि अटल स्मृति सम्मेलन नई पीढ़ी को अटल जी के विचारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है और ऐसे आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए।
आभार व्यक्त एवं समापन की घोषणा जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने किया।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन जिला मंत्री आनंद शर्मा ने किया। उनके कुशल संचालन से पूरा कार्यक्रम अनुशासित और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।
सम्मेलन के अंत में उपस्थितजनों ने अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम राष्ट्रसेवा, सुशासन और संगठनात्मक सशक्तिकरण के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
उक्त जानकारी देते हुए जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि सम्मेलन में मुख्य रूप से जिला महामंत्री मुकेश शर्मा, जनपद अध्यक्ष धनियारो परहा, ठाकुर पुरषोत्तम सिंह, सुनील अग्रवाल, संतोष दास, हरजीत सिंह भाटिया, गणेश जैन, रोशन प्रताप सिंह, अनिल मित्तल, अंकित बंसल, प्रवीण अग्रवाल, संजय लोहिया, अवधेश गुप्ता, हेमंत बंजारा, विशाल अग्रवाल, जागेश्वर यादव, प्रतीक सिंह, भुनेश्वरी बेहरा, भारती शर्मा, गुड़िया यादव, सांवरिया अग्रवाल, नरेश यादव, सहित भाजपा पदाधिकारी, पार्षदगण एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

