नई दिल्ली

मधयप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री कमलनाथ ने CAG रिपोर्ट के हवाले से अपने fb पोस्ट पर स्किल इंडिया योजना में 9200 करोड़ से अधिक के घोटाले की जानकारी दी है,
CAG रिपोर्ट के अनुसार भाजपा सरकार की स्किल इंडिया/PMKVY योजना में ₹9,200 करोड़ से अधिक का बड़ा घोटाला सामने आया है। युवाओं को कौशल और रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना में 2015 से 2022 के बीच 1.32 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित करने के नाम पर ₹10,194 करोड़ प्रस्तावित हुए , लेकिन 18 दिसंबर 2025 को संसद में प्रस्तुत CAG की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट ने इस योजना में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं।
CAG रिपोर्ट के मुताबिक़ PMKVY 2.0 और 3.0 में 94 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों के बैंक खाते फर्जी या अमान्य पाए गए। कई मामलों में एक ही बैंक खाता हजारों उम्मीदवारों से जोड़ा गया और एक ही फोटो के आधार पर सैकड़ों लाभार्थियों को अलग-अलग राज्यों में प्रशिक्षित दिखा दिया गया। यह न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खुला धोखा भी है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्लेसमेंट के आंकड़े जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए। कई स्थानों पर बंद या नाममात्र के प्रशिक्षण केंद्रों को सक्रिय बताकर हजारों युवाओं की फर्जी ट्रेनिंग दर्ज कर दी गई। यहां तक कि एक ही व्यक्ति द्वारा एक ही दिन में कई राज्यों में निरीक्षण किए जाने की प्रविष्टियाँ दर्ज की गईं, जो व्यवस्था की पोल खोलने के लिए पर्याप्त हैं।
मध्य प्रदेश में भी भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान 4.7 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का दावा किया गया, जिसमें लगभग ₹23 करोड़ के गबन की गंभीर आशंका है। यह दर्शाता है कि केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं।
“ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा” का नारा देने वाली भाजपा सरकार के स्किल इंडिया मिशन में ₹9,261 करोड़ की लूट सामने आने के बावजूद केंद्र और राज्य सरकारें इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय इसे दबाने में लगी हुई हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।


