जशपुर नगर।
कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में संचालित यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत जिले के सभी विकासखंडों के बीईओ, एबीईओ और बीआरसीसी का शैक्षणिक गुणवत्ता उन्नयन हेतु एकदिवसीय उन्मुखीकरण संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में हुआ।
उन्मुखीकरण की शुरुआत प्रशिक्षण से अपेक्षाओं से प्रारंभ किया गया। यशस्वी जशपुर के नोडल विनोद गुप्ता ने बताया कि अपेक्षाओं एवं समस्या का समाधान वही व्यक्ति कर सकता है जो जीवन में आत्म सम्मान चाहता है और जो मानव बनकर नौकरी नहीं बल्कि सेवा करना चाहता हो। विनोद गुप्ता ने बताया कि ऊर्जा ही ईश्वर का स्वरूप है। एक शिशु ईश्वर का स्वरूप होता है क्योंकि उसके जन्म के समय उसमें सकारात्मक ऊर्जा शत प्रतिशत होती है जो कि धीरे-धीरे कम होती चली जाती है। उन्होंने कहा कि नकारात्मकता से मनुष्य के आचरण में जो बदलाव होता है, उसके अनुसार ही एक मनुष्य देवता, महामानव, मानव और दानव बनता है। एक खराब शिक्षक केवल कुछ बच्चों का भविष्य खराब करता है लेकिन एक खराब बीईओ हजारों बच्चों का भविष्य खराब कर सकता है। अतः प्रत्येक बीईओ को शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु उन्हें कंफर्ट जोन से निकालकर ग्रोथ जोन तक का सफ़र करना होगा तभी उनके सपने पूरे होंगे और उनको खुशी मिलेगी। विनोद गुप्ता ने नौकरी और सेवा में सोलह बिंदु पर अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि नौकरी करने वाले अधिकारी जीविका उपार्जन और वेतन के लिए काम करते हैं जबकि सेवा करने वाले अधिकारी राष्ट्र निर्माण और छात्रों के भविष्य निर्माण के लिये काम करते हैं। उन्होंने कहा कि नौकरी करने वाले चुनौती को समस्या समझते हैं जबकि सेवा करने वाले चुनौती को अवसर मान कर मिशन मोड में काम करते हैं। प्रशिक्षण के अन्त में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाई एवं हाइयर सेकेंडरी विद्यालयों के ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रपत्र को विश्लेषित करते हुए अधिकारियों से चर्चा की गई एवं उसमें आमूलचूल परिवर्तन किए गए।
सभी अधिकारियों का पूरे मन और पूरी क्षमता से कार्य करने के स्लोगन के साथ सभी अधिकारियों से लिखित प्रतिवेदन लेकर उन्मुखीकरण कार्यशाला के समापन की घोषणा की गई। इस कार्यशाला में यशस्वी जशपुर के सहयोगी संजीव शर्मा, सदस्य अवनीश पांडेय एवं संजय दास आवश्यक सहयोग हेतु उपस्थित रहे।

