Friday, August 28, 2026
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पोषण वाटिका से संवरा बच्चों का स्वास्थ्य, मिड-डे मील बना और भी पौष्टिक


कुनकुरी: विकासखंड कुनकुरी में स्थित प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली बच्चों की सेहत और पोषण स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है, विद्यालय परिसर में विकसित की गई ‘पोषण वाटिका’ के जरिए अब रोजाना मिड-डे मील में बच्चों को ताज़ी और जैविक सब्जियां परोसी जा रही हैं, जिससे भोजन का पौष्टिक स्तर काफी बढ़ गया है।
विद्यालय के शिक्षकों, रसोइया, स्वीपर और विद्यार्थियों के साझे प्रयास से इस पोषण वाटिका में बरबट्टी, भिंडी, तोरई , लौकी, सेम और विभिन्न प्रकार की हरी पत्तेदार सब्जियां उगाई जा रही हैं। रासायनिक खाद के बजाय पूरी तरह जैविक खाद का उपयोग कर तैयार की गई ये सब्जियां न केवल पूरी तरह सुरक्षित हैं, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर हैं।
हरी सब्जियों से दूर होगी कुपोषण की समस्या
स्कूल के प्रधान पाठक लव कुमार गुप्ता का कहना है कि पोषण वाटिका का मुख्य उद्देश्य बच्चों को संतुलित और ताज़ा आहार देना है। ताज़ी हरी सब्जियों के नियमित सेवन से बच्चों में एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने में मदद मिल रही है साथ ही, भोजन की गुणवत्ता सुधरने से विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति और उत्साह में भी वृद्धि देखी जा रही है।
पोषण वाटिका से व्यवहारिक ज्ञान के साथ कौशल भी सीख रहे बच्चे
इस पहल की खास बात यह है कि बच्चे केवल पौष्टिक भोजन ही नहीं कर रहे, बल्कि स्वयं भी पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का व्यावहारिक ज्ञान हासिल कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों में व्यावहारिक, सामाजिक, सहयोगात्मक ,भावनात्मक , संज्ञानात्मक और शारीरिक कौशल का विकास हो रहा है।

विद्यालय परिसर के कचरे से जैविक खाद का निर्माण
विद्यालय में रोज निकलने वाले सूखे और गीले कचरे जैसे पेड़ों के सूखे पत्ते, मिड-डे मील की बची हुई सब्ज़ियाँ , छिलके और बगीचे का वेस्ट एकत्र किया जाता है।
एकत्र किए गए गीले और सूखे कचरे को कंपोस्ट गड्ढे में डाला जाता है। कुछ महीनों में यह पूरी तरह प्राकृतिक और पौष्टिक जैविक खाद में बदल जाता है इसके पश्चात इसका उपयोग पोषण वाटिका में किया जाता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से बच्चे पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और जैविक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्राथमिक विद्यालय डीपाटोली के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणादायी बताया है।

Ravindra Singh Bhatia
Ravindra Singh Bhatiahttps://ppnews.in
Chief Editor PPNEWS.IN. More Details 9755884666
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