Wednesday, March 18, 2026
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मानदेय बढ़ाने और नियमितीकरण की मांग, ‘बिहान’ कैडर की महिलाएं हल्लाबोल पर

कांकेर। छत्तीसगढ़ में एनआरएलएम (बिहान) योजना के तहत कार्यरत सीआरपी (CRP) और सक्रिय महिला संघ की सदस्यों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है. सोमवार को बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों का ज्ञापन शासन को सौंपते हुए प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है.

​महिलाओं द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में अपनी दयनीय आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए 8 प्रमुख मांगें रखी गई हैं. इसमें ​मानदेय में वृद्धि: महिलाओं का कहना है कि उन्हें वर्तमान में मात्र ₹1910 प्रति माह मानदेय मिलता है, जिससे घर चलाना असंभव है. उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत सम्मानजनक स्तर तक बढ़ाने की मांग की है.

इसके अलावा ​मोबाइल और नेट भत्ता: सारा काम ऑनलाइन और ऐप के माध्यम से कराया जाता है, लेकिन मोबाइल और रिचार्ज का खर्च महिलाओं को खुद उठाना पड़ता है. उन्होंने सरकारी मोबाइल और इंटरनेट भत्ता देने की मांग की है. ​यात्रा भत्ता: क्लस्टर और जनपद स्तर की मीटिंग्स में जाने के लिए कोई यात्रा भत्ता (TA/DA) नहीं दिया जाता, इसे तुरंत लागू करने की मांग की गई है.

​नियमितीकरण और नियुक्ति पत्र: लंबे समय से कार्यरत इन महिलाओं ने सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, नियमितीकरण करने और औपचारिक नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की है. ​समय पर भुगतान: कई ब्लॉकों में मानदेय 5-6 महीने की देरी से मिलता है. मांग की गई है कि मानदेय हर महीने सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए.

​”लखपति दीदी” बनाने वालों की सुध नहीं

​ज्ञापन में नाराजगी जताते हुए कहा गया है कि शासन “लखपति दीदी” योजना का प्रचार-प्रसार तो जोर-शोर से कर रहा है, लेकिन जो कैडर महिलाएं जमीन पर काम करके अन्य महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बना रही हैं, उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. बजट में भी उनके लिए कोई ठोस घोषणा नहीं होने से आक्रोश व्याप्त है.

​अब आर-पार की लड़ाई

​सक्रिय महिला संघ की अध्यक्ष पद्मा पाटिल और महासचिव बिंदु यादव ने बताया कि जनवरी से लगातार प्रदर्शन और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात के बावजूद केवल आश्वासन मिला है. शासन के इस उदासीन रवैये के कारण अब पूरे प्रदेश में महिलाएं काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गई हैं. ​यह ज्ञापन मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री (पंचायत मंत्री), मुख्य सचिव और कलेक्टर को प्रेषित किया गया है. महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा.

Ravindra Singh Bhatia
Ravindra Singh Bhatiahttps://ppnews.in
Chief Editor PPNEWS.IN. More Details 9755884666
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