Thursday, January 22, 2026
No menu items!
Homeछत्तीसगढ़शिक्षक (एल.बी.) संवर्ग की मुख्य मांग है पेंशनपेंशन के बिना रिटायर हो...

शिक्षक (एल.बी.) संवर्ग की मुख्य मांग है पेंशनपेंशन के बिना रिटायर हो रहे शिक्षकों के मामले में प्रावधान बनाये सरकार – एसोसिएशन छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से किया हस्तक्षेप का आग्रह,

जशपुरनगर:-
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि एल.बी. संवर्ग के हजारों शिक्षक पेंशन, पदोन्नति, क्रमोन्नति, टीईटी अनिवार्यता एवं उपस्थिति व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसका सीधा प्रभाव शिक्षण कार्य और मनोबल पर पड़ रहा है, उन्होंने बताया कि संघ की मुख्य मांगों में एल.बी. शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति (संविलियन पूर्व सेवा) को पेंशन लाभ में जोड़ना तथा केंद्र सरकार, उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड की तर्ज पर 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा पर 50 प्रतिशत पेंशन का प्रावधान शामिल है।

छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन को शिक्षक एल बी संवर्ग के लिए संविलियन तिथि 2018 से लागू होने के कारण जीरो पेंशन में शिक्षक रिटायर हो रहे है, 70 हजार से 90 हजार अंतिम वेतन के बाद जीरो पेंशन में गुजारा मुश्किल हो रहा है, शिक्षक समाज के दर्पण व दिशा देने वाले है ऐसे जीरो पेंशन या बिना पेंशन रिटायर होने वाले शिक्षकों के मामले में मुख्यमंत्री जी व शिक्षामंत्री जी को दखल देते हुए पेंशन का प्रावधान करना चाहिए।

न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण का प्रावधान है, इससे एल बी संवर्ग के अनेकों शिक्षक बिना पेंशन के सेवानिवृत हो रहे है, अतः न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण का प्रावधान किया जावे।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश पदाधिकारी एलडी बंजारा, तनु ठाकुर, अनिल रावत व जयेश सौरभ टोपनो ने कहा है कि राज्य में लगभग 30 हजार सहायक शिक्षक पदोन्नति एवं क्रमोन्नति से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन की थीम पर वन टाइम रिलेक्सेशन क्रमोन्नति 3 वर्ष में दिया गया ठीक उसी तरह क्रमोन्नति में भी 10 वर्ष की सेवा अवधि को शिथिल करते हुए 5 वर्ष में क्रमोन्नति का लाभ दिया जाना चाहिए।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि वर्ष 2012 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए तथा सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर कर शिक्षा विभाग द्वारा विभागीय सीमित परीक्षा आयोजित की जाए।

इसके अतिरिक्त केवल डी.एड. योग्यता वाले सहायक शिक्षकों के लिए 6 माह का बी.एड. ब्रिज कोर्स एनसीटीई के नियमानुसार प्रारंभ करने तथा स्कूलों में मोबाइल वीएसके ऐप के स्थान पर बायोमैट्रिक (पंच मशीन) से उपस्थिति दर्ज किया जावे।

Ravindra Singh Bhatia
Ravindra Singh Bhatiahttps://ppnews.in
Chief Editor PPNEWS.IN. More Details 9755884666
RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Would you like to receive notifications on latest updates? No Yes