
संविधान निर्माता, विश्व रत्न डॉ. बाबा साहब अंबेडकर की मृत्यु पर्यंत सेवा करने वाले, उनके निज सचिव रहे श्री नानकचंद रत्तू जी का आज 6 फरवरी को 104वीं जयंती है। उनका जन्म पंजाब के होशियारपुर जिले के गाँव सकरूली में एक दलित परिवार में हुआ था। वे भारत सरकार में नौकरी करते थे। इस दौरान बाबा साहब अंबेडकर ने उन्हें अपना सेक्रेटरी बनाया और अपने सहयोगी तथा देख-रेख करने उन्हें दायित्व सौंपा था। उन्होंने बाबा साहब के साथ साये की तरह रहकर उनकी दिन-रात सेवा की।
जब बाबा साहब दिल्ली के 26 अलीपुर रोड स्थित बंगले में रहने लगे थे तब 6 दिसम्बर 1956 को इसी बंगले में श्री नानकचंद रत्तू के गोद में बाबा साहब ने अपने जीवन की अंतिम सांस ली थी। उनके समक्ष ही बाबा साहब अंबेडकर का महापरिनिर्वाण हुआ था।
उन्होंने बाबा साहब के साथ बिताये जीवन के अनेक संस्मरण तथा किताबें लिखीं
जब देश में श्री वी.पी. सिंह जी 1990 में प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने भारत सरकार में “डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन” की स्थापना की। भारत सरकार द्वारा इस “डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन” में मुझे एवं श्री नानकचंद रत्तू जी को सदस्य नियुक्त किया गया।
डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन में ही मैंने उनसे डॉ. अंबेडकर जी की महापरिनिर्वाण भूमि 26 अलीपुर रोड का बंगला दिखाने का आग्रह किया। उन्होंने मेरे साथ चलकर मुझे इस बंगले को दिखाया। फिर डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन की तरफ से 26 अलीपुर रोड के इस बंगले को खरीदने के प्रस्ताव को भारत सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी।
आज इस महापरिनिर्वाण भूमि पर संविधान की आकृति का बहुत सुंदर स्मारक बन चुका है। देश और दुनिया भर के लाखों लोग इस पवित्र स्थल के दर्शन एवं नमन करने आते हैं।
मेरा श्री नानकचंद रत्तू जी के साथ लम्बे समय तक साथ रहा। बाबा साहब के जीवन की अनेक घटनाओं एवं संघर्ष के संबंध में मेरे उनसे अनेक यादगार संवाद हुए। मैंने उन्हें भोपाल के रविन्द्र भवन में बुलाकर एक समारोह आयोजित कर म.प्र. शासन की ओर से उनका सम्मान कराया। म.प्र. के लोगों ने उनका संबोधन सुना। बाद में वे मेरे निवास पर भोजन करने आये। उनके साथ हमारा यादगार चित्र है। उस चित्र में बाबा साहब अम्बेडकर की सुविज्ञ पत्नि माई साहब डॉ. सविता अम्बेडकर, बाबा साहब अम्बेडकर , श्री नानकचंद रत्तू जी। नीचे चित्र में मेरी पत्नि श्रीमति सरिता गजभिए , श्री नानकचंद रत्तू जी और मै इन्द्रेश गजभिए। श्री नानकचंद रत्तू जी के साथ संवाद तथा अनेक स्मरण यादों में बसे है।
बाबा साहब के इस महान सहयोगी और सेवक का 15 सितम्बर 2002 को निधन हो गया। आज उनकी जयंती पर मैं उन्हें सादर नमन करता हूँ।
-इंद्रेश गजभिये –
राष्ट्रीय अध्यक्ष परिनिर्वाण भूमि कमेटी
पूर्व केबीनेट मंत्री स्टेटस मध्यप्रदेश शासन

