
जशपुर, 12 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव के नेतृत्व में गुरुवार को शिक्षकों के सेवा हितों, पेंशन संबंधी अधिकारों तथा कार्य परिस्थितियों के सुधार हेतु शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री, शिक्षा सचिव एवं लोक शिक्षण संचालनालय को संबोधित करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से प्रेषित किया गया। एसोसिएशन ने माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा विभिन्न याचिकाओं में दिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए पूर्व सेवाकाल को पेंशन योग्य सेवा के रूप में मान्यता देने की मांग की है। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि पेंशन एक कल्याणकारी व्यवस्था है और इसे सेवाओं के बदले दिए जाने वाले स्थगित पारिश्रमिक के रूप में देखा जाना चाहिए। साथ ही, अवशोषण से पूर्व की दीर्घकालीन सेवा को अप्रासंगिक नहीं माना जा सकता। एसोसिएशन ने शासन से आग्रह किया है कि न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप पुनर्विचार कर स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं।
ज्ञापन में शिक्षकों (एल.बी. संवर्ग) से संबंधित प्रमुख मांगें भी शामिल हैं। इनमें पेंशन निर्धारण हेतु सेवा अवधि में व्यावहारिक संशोधन, पदोन्नति व क्रमोन्नति से वंचित शिक्षकों को राहत, पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए अनिवार्य परीक्षा प्रावधानों में युक्तिसंगत समाधान, सहायक शिक्षकों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण व्यवस्था तथा विद्यालयों में उपस्थिति दर्ज करने की पारदर्शी प्रणाली लागू करने की मांग प्रमुख है।
एसोसिएशन के प्रांतीय पदाधिकारी जयेश सौरभ टोपनो ने कहा कि इन मांगों का उद्देश्य शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, सम्मान और कार्यकुशलता को मजबूत करना है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को भी सकारात्मक लाभ मिलेगा। हम शासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षकों के हितों की रक्षा करने की अपेक्षा करते हैं।
इस अवसर पर अनिल श्रीवास्तव, जयेश टोपनो, आदित्य गुप्ता, अफरोज खान, महानन्द सिंह, प्रेम कुमार यादव, कलेश्वर यादव, तरुण गुप्ता, धनुराम यादव, डमरूधर स्वर्णकार, मुनेश्वर यादव, विवेक चौधरी, राजेश श्रीवास, नंदलाल शास्त्री, शिवचरण नाग, कालेश्वर भगत, प्रदीप सिंह, लक्ष्मी यादव, अयोध्या यादव शमील रहे।

