Thursday, March 12, 2026
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हिड़मा की तलाश में दो हजार जवानों का व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी।खस्ताहाल एनएच-30 की दुर्दशा पर नगर बंद का ऐलान।रावघाट–जगदलपुर रेल परियोजना में विकास की रफ्तार थमी।अबूझमाड़ के कोंगे में नया सुरक्षा कैंप स्थापित।स्कॉर्पियो वाहन से 56 किलो गांजा बरामद।

दक्षिण बस्तर. दक्षिण बस्तर के जंगलों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है. बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों की संयुक्त कार्रवाई में 2 हजार जवान शामिल हैं. यह ऑपरेशन नक्सलियों के शीर्ष लीडर हिड़मा और उसकी बटालियन को घेरने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है. ड्रोन से निगरानी और हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर रखे गए हैं. करेंगुट्टा मुठभेड़ के बाद इसे साल का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेशन माना जा रहा है. पहले दिन तीन नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है. तीनों जिलों के एसपी ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि हिड़मा, देवा और एर्रा जैसे बड़े लीडर इसी इलाके में छिपे हैं.

दिल्ली उड़ान से बिलासपुर लैंडिंग बंद

मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर से रायपुर की उड़ान पहले ही बंद हो चुकी है, अब दिल्ली जाने वाली फ्लाइट की बिलासपुर लैंडिंग भी बंद होने जा रही है. एयर एलायंस ने कहा है कि बिलासपुर में सवारी न मिलने के कारण अब विमान सीधे जबलपुर होकर दिल्ली जाएगा. इससे पहले एक वर्ष पूर्व तक जगदलपुर एयरपोर्ट पर पाँच विमानों की आवाजाही होती थी, जो अब घटकर एक रह गई है. एयर एलायंस और इंडिगो पहले ही हैदराबाद-रायपुर उड़ानें बंद कर चुके हैं. यात्रियों ने बिलासपुर रूट बंद करने को लेकर नाराजगी जताई है और कहा है कि यह निर्णय बस्तर की हवाई कनेक्टिविटी पर असर डालेगा. स्थानीय नागरिकों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है.

केशकाल. नगर से गुजरने वाले एनएच 30 की दुर्दशा को लेकर कोंडागांव के लोगों ने 6 नवंबर को नगर बंद कराया. बंद के दौरान सभी प्रतिष्ठान, होटल, पान ठेले और दुकानें पूरी तरह बंद रहीं. लोगों ने राजमार्ग विभाग, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया. नागरिकों ने चेताया कि जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा. सड़क की जर्जर हालत से धूल, जाम और हादसों का संकट बढ़ा है. प्रशासन ने 8 करोड़ 19 लाख रुपये के टेंडर जारी होने की पुष्टि की है, जो 7 नवंबर सुबह 11.30 बजे खुलेगा. इधर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश किरण चतुर्वेदी ने सड़क की हालत पर स्वत: संज्ञान लिया है. न्यायिक सेवा प्राधिकरण ने भी राजमार्ग की दुर्दशा पर रिपोर्ट सौंपी है. नागरिकों ने दिखावे की मरम्मत पर नाराजगी जताते हुए इसे “हिडोंला राजमार्ग” तक कह डाला. शनिवार को राजमार्ग पर चक्काजाम की भी चेतावनी दी गई है.

रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन में अटक गया विकास

बस्तर. रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन के निर्माण में धीमी रफ्तार से बस्तरवासी नाराज हैं. 140 किमी की इस लाइन के लिए 1025 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, पर अब तक केवल 776 हेक्टेयर भूमि ही अधिग्रहित हो पाई है. पुणे की मोनार्क सर्वेयर कंपनी को 18 सितंबर को काम सौंपा गया था, पर भूमि विवाद और मुआवजा घोटाले ने परियोजना रोक दी. करीब 175 करोड़ रुपये के मुआवजा घोटाले की जांच जारी है. हाईकोर्ट ने तीन वर्ष पहले नया सर्वे और मुआवजा तय करने का आदेश दिया था, किंतु अमल नहीं हुआ. अब भी रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन पर कार्य ठप पड़ा है, जबकि इसके लिए केंद्र ने 3513 करोड़ का प्रावधान किया है.

अबूझमाड़ के कोंगे में नया सुरक्षा कैंप स्थापित

नारायणपुर. माओवादी गतिविधियों से प्रभावित अबूझमाड़ के ग्राम कोंगे में नारायणपुर पुलिस और बीएसएफ 129वीं बटालियन ने नया सुरक्षा व जन-सुविधा कैंप स्थापित किया. यह माड़ बचाव अभियान के तहत खुला 13वां कैंप है. कैंप माओवाद उन्मूलन और ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यह सोनपुर थाना से 30 किमी अंदर स्थित है. कार्यक्रम में आईजी पी. सुन्दराज, डीआईजी अमित कांबले, एसपी राबिनसन गुड़िया सहित बीएसएफ व डीआरजी के अधिकारी उपस्थित थे. स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि अब वे खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और कई नक्सल समर्थक आत्मसमर्पण की इच्छा जता रहे हैं.

डोंडीतुमनार में खुला सुरक्षा और जन-सुविधा कैंप

बीजापुर. गंगालूर थाना क्षेत्र के ग्राम डोंडीतुमनार में नया सुरक्षा व जन-सुविधा कैंप खोला गया. यह कदम “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत उठाया गया है. कैंप से ग्रामीणों को सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल नेटवर्क, और पीडीएस दुकानों जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी. अधिकारियों ने बताया कि 2023-24 और 2024-25 के बीच बीजापुर जिले में अब तक 44 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं. इस मौके पर आईजी सुन्दरराज पी, आईजी शालिन, एसपी डॉ. जितेंद्र यादव सहित स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे.

पुलिस की तरह दिखने वाली स्कॉर्पियो से 56 किलो गांजा जब्त

बस्तर. बस्तर पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. नगरनार थाना क्षेत्र में पुलिस ने 56.605 किलोग्राम गांजा से भरी स्कॉर्पियो (CG04PW8248) जब्त की. आरोपी वाहन पर “पुलिस” लिखा बोर्ड, सायरन और लाल-नीली बत्ती लगाकर भ्रम फैला रहे थे. मुखबिर की सूचना पर नगरनार पुलिस ने ग्राम धनपुंजी फॉरेस्ट नाका (एनएच-63) पर नाकेबंदी की, जिसके बाद संदिग्ध वाहन को रोका गया. पुलिस को देखकर आरोपी जंगल की ओर भाग निकले. वाहन की तलाशी में सीट के नीचे रखे 11 पैकेट गांजा मिले. आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20 (ख) II (ग) के तहत मामला दर्ज किया गया है. फरार तस्करों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं.

जनजातीय गौरव दिवस पर वीरों का स्मरण

बस्तर. शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में कार्यशाला आयोजित हुई. मुख्य अतिथि सांसद महेश कश्यप ने कहा कि जनजातीय वीरों ने अपने साहस से राष्ट्र की रक्षा की है, हमें उनके आदर्शों को जीवन में उतारना चाहिए. कुलपति प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि जनजातीय समाज ने अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह प्रेरणास्रोत है. मुख्य वक्ता रामनाथ कश्यप ने कहा कि अरण्यक संस्कृति ही भारत की मूल संस्कृति है. उन्होंने बताया कि घोटुल जैसी परंपराएं सामाजिक संस्कारों की पाठशाला थीं. कार्यक्रम में वीर नारायण सिंह, बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हो जैसे नायकों के योगदान का स्मरण किया गया.

पुलिस की अमानवीयता, 18 घंटे फंदे पर लटकता रहा शव

दंतेवाड़ा. कुआकोंडा थाना क्षेत्र के मोखपाल गांव में 75 वर्षीय महिला ने आत्महत्या की, पर पुलिस की लापरवाही ने परिजनों का दर्द बढ़ा दिया. शाम 4 बजे सूचना देने पर भी पुलिस ने कहा कि “सुबह आएंगे” और लौट गई. शव पूरी रात फंदे पर झूलता रहा, जबकि परिजन रोते-बिलखते शव के पास बैठे रहे. सुबह 10 बजे पुलिस पहुंची और तब शव को उतारा गया. ग्रामीणों ने कहा कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो शव सुरक्षित अस्पताल भेजा जा सकता था. इस घटना ने पुलिस की संवेदनहीनता और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

संयुक्त संचालक शिक्षा राकेश पांडे हटे, शिक्षकों ने मनाई खुशी

बस्तर. शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों में संयुक्त संचालक शिक्षा राकेश पांडे को हटाया गया है. उनकी जगह एच.आर. सोम को फिर से बस्तर का संयुक्त संचालक बनाया गया. कार्रवाई के बाद शिक्षकों ने अपनी 7 नवंबर की प्रस्तावित रैली वापस ले ली. शिक्षकों ने जेडी दफ्तर के बाहर आतिशबाजी कर मिठाई बांटी और खुशी जताई. संगठन ने कहा कि दीपावली से पहले ही पांडे को हटाने की मांग की गई थी. बैठक में कुछ संगठनों द्वारा पांडे के पक्ष में माहौल बनाने का विरोध करते हुए निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया. शिक्षक नेताओं ने कहा कि यह कार्रवाई शिक्षकों की एकजुटता की जीत है.

Ravindra Singh Bhatia
Ravindra Singh Bhatiahttps://ppnews.in
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