Monday, March 2, 2026
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आदमखोर बाघ की दहशत से सहमे ग्रामीण, महाराष्ट्र में इंसान और छत्तीसगढ़ में मवेशियों को बना चुका है शिकार; वन विभाग ने जारी की सतर्कता की अपील…

मोहला-मानपुर। सीमा पार महाराष्ट्र समेत छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिला अंतर्गत सीमावर्ती औंधी तहसील क्षेत्र में आदमखोर बाघ की वजह से ग्रामीण खौफ के साए में जी रहे हैं. बाघ जहां सीमा पार महाराष्ट्र में एक इंसान को अपना निवाला बना चुका है, वहीं छत्तीसगढ़ में दो मवेशियों का भी शिकार कर चुका है. बाघ के सिलसिलेवार तरीके से घटना को अंजाम दिए जाने के बाद क्षेत्रीय वन महकमे ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की है.

घटना मोहला-मानपुर जिले के महाराष्ट्र सीमावर्ती दक्षिण वन परिक्षेत्र मानपुर तथा महाराष्ट्र के मुरूमगांव वन क्षेत्र की है. दक्षिण वन परिक्षेत्र अधिकारी अजय राजपूत ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 12 फरवरी को औंधी तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गहनगट्टा में बाघ ने एक पालतू मवेशी पर हमला कर उसे अपना ग्रास बनाया.

इसके बाद 24 फरवरी को औंधी से महाराष्ट्र के मुरूमगांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग में छत्तीसगढ़ के अंतिम ग्राम आलकंहार से चंद फासले पर ही मौजूद महाराष्ट्र के ग्राम कहेकवाही और उमरपाल के बीच ग्रामीण राहगीर बुधु सिंह उसेंडी पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया, यही नहीं उसके शरीर के हिस्सों को बाघ ने अपना निवाला बनाया.

जानकारी के मुताबिक, बाघ ने जिस ग्रामीण को मारा वह अधेड़ उम्र का ग्रामीण महाराष्ट्र के मुरूमगांव थानाक्षेत्र अंतर्गत ग्राम केहेकवाही ग्राम का निवासी है. बीते 24 फरवरी को वह मुरूमगांव में आयोजित मेले से ट्रैक्टर में सवार होकर ग्राम उमरपाल पहुंचा. तथा रात में उमरपाल से अकेले पैदल अपने गांव केहकावाही जा रहा था. इसी बीच बाघ ने बीच रास्ते उसे मार डाला.

ग्रामीण को मारने के ठीक एक दिन बाद ये बाघ दोबारा छत्तीसगढ़ सीमा के भीतर आ घुसा और 25-26 फरवरी की दरमियानी रात उसने मानपुर ब्लॉक के सीतागांव ग्राम पंचायत अंतर्गत ग्राम पिटेमेटा में एक और पालतू मवेशी को मार डाला, और उसके शरीर का आधा हिस्सा खा गया.

वन विभाग ने लगाए ट्रैप कैमरे, ग्रामीणों से की अपील

मोहला-मानपुर जिले के वन मंडलाधिकारी दिनेश पटेल ने बताया कि जिले के महाराष्ट्र सीमावर्ती जंगल व गांव के करीब बाघ की आमद के बाद क्षेत्रीय वन अमला लगातार सुरक्षात्मक कार्यों में जुटा हुआ है. संबंधित क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, जिससे बाघ का लोकेशन जाना जा सके. उन्होंने क्षेत्रवासियों को भी सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की है.

दो माह पहले कैमरे में हुआ था कैद

बता दें कि करीब दो माह पहले 31 नवंबर और 1 दिसंबर की दरमियानी रात बाघ ने औंधी तहसील क्षेत्र के ही ग्राम नवागढ़ में एक पालतू मवेशी को अपना शिकार बनाया था. इस घटना के बाद वन महकमे ने उक्त घटनास्थल के इर्द-गिर्द पेड़ों में ट्रैप कैमरे लगाए थे. उस दौरान 2 व 3 दिसंबर की रात बाघ दोबारा उसी जगह पर पहुंचा, जहां उसने मवेशी को आधा खाकर छोड़ दिया था. इस दौरान बाघ की तस्वीर ट्रैप कैमरे में कैद हुई थी. उस समय वन विभाग ने ट्रैप हुई तस्वीर के आधार पर उसे वयस्क नर बाघ करार दिया था

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आदमखोर बाघ से सतर्क रहने की अपील

इस बात की आशंका लाज़मी है कि दो माह पहले महाराष्ट्र की ओर से मानपुर दक्षिण वन परिक्षेत्र में दाखिल हो चुका वहीं वयस्क बाघ कहीं दोबारा सीमावर्ती जंगल में तो नहीं घूम रहा. चूंकि, हाल ही में हुई आमद के दौरान बाघ ने एक इंसान को मारकर अपनी भूख मिटाई है. इस तरह से बाघ इंसानी खून चख चुका है. इस लिहाज से इलाके के वन महकमे और इंसानी बस्ती में निसंदेह अतिरिक्त सतर्कता और सावधानी की जरूरत है.

Ravindra Singh Bhatia
Ravindra Singh Bhatiahttps://ppnews.in
Chief Editor PPNEWS.IN. More Details 9755884666
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