महासमुंद। “परित्राणाय साधुनाम्” — साधु-सज्जनों की रक्षा का संकल्प लेने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब महासमुंद जिले में एक आरक्षक का नशे की हालत में सड़क पर पड़े होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो 09 फरवरी सुबह करीब 11 बजे का बताया जा रहा है।
यह घटना शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला चिकित्सालय जाने वाले मार्ग, मेडिकल कॉलेज मोड़ के पास की है। वीडियो में खल्लारी थाना में पदस्थ आरक्षक लाल सिंह बाकरे नशे की हालत में लड़खड़ाते हुए एक ठेले के पास सड़क किनारे बैठता दिखाई देता है और कुछ ही देर में वहीं सड़क पर लेट जाता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब आधे घंटे तक आरक्षक सड़क पर पड़ा रहा। इस दौरान राहगीर आते-जाते रहे, लेकिन पुलिसकर्मी होने के कारण किसी ने उसे हटाने की हिम्मत नहीं की। बाद में एक व्यक्ति ने आरक्षक को उठाने का प्रयास किया, लेकिन नशे की हालत में वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। इस दौरान उसके पैर से जूता भी निकल गया। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और आरक्षक को मेडिकल कॉलेज ले जाकर चिकित्सीय परीक्षण कराया।
जांच में शराब सेवन की पुष्टि, विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू
इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। मेडिकल परीक्षण में आरक्षक द्वारा शराब सेवन की पुष्टि हुई है। संबंधित आरक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस अभियान पर उठे सवाल
गौरतलब है कि एक ओर पुलिस नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर वर्दीधारी पुलिसकर्मी का इस तरह सार्वजनिक स्थान पर नशे की हालत में पाया जाना, पुलिस की अनुशासन व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

