जशपुरनगर:-
टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को लेकर वर्तमान में प्रदेश के शिक्षकों के बीच विभिन्न प्रकार की शंकाएं एवं चिंताएं उत्पन्न हो रही हैं. इसी कड़ी में मंगलवार को जिलाध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक आयोजित की गई. जिसमें प्रान्त, जिला एवम ब्लॉक पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में जिले भर के आम शिक्षक शामिल रहे. बैठक में माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में स्थिति को स्पष्ट करते हुए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन द्वारा शिक्षकों को संयम एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की गई है.
इस संबंध में जिला पदाधिकारी विक्रम सिंह द्वारा बताया कि सुप्रीम कोर्ट में विभिन्न प्रदेशों से टीईटी के संबंध में बड़ी संख्या में रिव्यू पिटीशन दायर की गई है, जिसके चलते केंद्र सरकार द्वारा फिलहाल किसी प्रकार का अंतिम निर्णय लिया जाना संभव नहीं है. इस स्थिति में राज्य सरकार के पास यह विकल्प उपलब्ध है कि वह विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित कर प्रदेश के शिक्षकों की सेवाओं को यथावत बनाए रख सकती है.
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में विभागीय सीमित टीईटी परीक्षा आयोजित कराने हेतु प्रयास तेज किए गए हैं. इसी क्रम में डीपीआई द्वारा 13 मार्च 2026 को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर 17 एवं 18 मार्च तक विभिन्न श्रेणी वर्ग के शिक्षकों की जानकारी मांगी गई है, जिससे परीक्षा संबंधी कार्ययोजना तैयार की जा सके. ज्ञात ही कि पूर्व में भी शासन द्वारा डीएड/डीएलएड की अनिवार्यता तय की गई थी उस समय विभागीय परीक्षा आयोजित कर प्रदेश भर के शिक्षकों को डीएड/डीएलएड कराया गया था. छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा द्वारा टीईटी को लेकर शासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर शिक्षकों के हित में आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया गया है. उन्होंने सुझाव दिया है कि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए जून-जुलाई माह में विभागीय सीमित टीईटी परीक्षा आयोजित की जाए, जिससे समय रहते पात्रता संबंधी समस्याओं का समाधान किया जा सके. संघ ने प्रस्ताव रखा है कि टीईटी परीक्षा का आयोजन डीपीआई के मार्गदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारियों के निरीक्षण में प्रत्येक विकासखंड के चयनित विद्यालयों में आवश्यकतानुसार किया जाए. साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं विभागीय स्तर पर संचालित करने तथा सेवाकालीन शिक्षकों के लिए न्यूनतम उत्तीर्णांक को युक्तिसंगत रखने की भी मांग की गई है.
जिलाध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि सभी शिक्षक साथी किसी भी प्रकार से भयभीत न हों. संगठन सदैव शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और निरंतर प्रयासरत है. उन्होंने सभी से अपील की कि किसी भी प्रकार के नकारात्मक गतिविधियों में शामिल होकर अपनी ऊर्जा व्यर्थ न करें. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए धैर्य एवं समझदारी से कार्य करना आवश्यक है तथा संगठन सभी शिक्षकों के हितों की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है.
अंत में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन द्वारा सभी शिक्षकों से एकजुटता, संयम एवं सकारात्मक सोच बनाए रखने की अपील की गई, ताकि सामूहिक प्रयासों से सभी के हित सुरक्षित रह सकें.

