जशपुर
जशपुर जिले में भारी बारिश और ख़राब मौसम के बावजूद महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए किया करवा चौथ का निर्जला व्रत ।
आज सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुखी जीवन के लिए पूरे दिन बिना खाए-पिए (निर्जला) व्रत किया ।
ऐसा कहा जाता है कि
बहुत समय पहले करवा नाम की एक पतिव्रता महिला थी। उसके पति को नदी में मगरमच्छ ने पकड़ लिया। करवा ने अपने व्रत की शक्ति से यमराज को बांध दिया और अपने पति के प्राण वापस ले लिए। तभी से यह व्रत पति की रक्षा के लिए मनाया जाता है।
यह भी कहा जाता हैं कि माता पार्वती ने भी भगवान शिव को पाने के लिए यह व्रत किया था, जिससे उन्हें अखंड सौभाग्य का वरदान मिला।
करवा मिट्टी का लोटा को कहा जाता है जिसमें चांद को कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चौथी तिथि को अर्घ्य दिया जाता है इस कारण इस व्रत का नाम करवा चौथ पड़ा ।
आज के दिन महिलाएं
सुबह से दिन भर निर्जला व्रत करती है और शाम को सोलह श्रृंगार कर करवा माता की पूजा और कथा कर रात को चांद देखकर पति के हाथ से पानी पीकर व्रत तोड़ती है ।

