
जशपुर।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जशपुर जिले में खेल संस्कृति विकसित करने और विद्यार्थियों व युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कलेक्टर श्री व्यास के द्वारा चेकमेट एट जशपुर इनिशिएटिव प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत शतरंज को केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित न रखते हुए इसे विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास, एकाग्रता और रणनीतिक सोच को बढ़ावा देने वाले खेल के रूप में पहुंचाया जा रहा है।
जिला प्रशासन की पहल से जिले में शतरंज को लेकर बीते दो वर्षों में गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ा है। वर्ष 2025 में विद्यालय, विकासखंड एवं जिला स्तर पर विद्यार्थियों के लिए शतरंज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इन प्रतियोगिताओं को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए खेल शिक्षकों को शतरंज का प्रशिक्षण भी दिया गया था, ताकि विद्यालयों में नियमित रूप से विद्यार्थियों को इस खेल से जोड़ा जा सके।
जिले में शतरंज के खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ स्टेट लेवल ओपन शतरंज टूर्नामेंट का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेशभर से खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। हाल ही में जशपुर में ऑल इंडिया ओपन FIDE रेटेड चेस टूर्नामेंट का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से शीर्ष रेटेड खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस आयोजन ने जशपुर को राष्ट्रीय स्तर के शतरंज मानचित्र पर पहचान दिलाने के साथ-साथ जिले के स्थानीय खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को उच्च स्तर के खिलाड़ियों को करीब से देखने और उनसे सीखने का अवसर दिया।
जिले में शतरंज को बढ़ावा देने की तैयारी
जिला प्रशासन द्वारा इस वर्ष भी जिले के विद्यालयों में शतरंज प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए खेल प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देने की योजना है। इसका उद्देश्य विद्यालय स्तर पर शतरंज की मजबूत आधारभूत व्यवस्था तैयार करना और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस खेल से जोड़ना है। जिला शतरंज संघ को अधोसंरचना उपलब्ध कराना भी इसमें शामिल है।
जशपुर और पत्थलगांव में खिलाड़ियों को मिलेगा अपना मंच
खेल प्रतिभाओं को नियमित अभ्यास और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिला शतरंज संघ को जशपुर एवं पत्थलगांव में भवन उपलब्ध कराया गया है। इन स्थानों पर बच्चे और युवा नियमित रूप से अभ्यास कर सकेंगे तथा अपनी खेल प्रतिभा को निखारने के लिए बेहतर वातावरण प्राप्त करेंगे। इससे जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर दिया जाएगा।
मोबाइल से मैदान और बोर्ड की ओर बढ़ते कदम
आज मोबाइल और डिजिटल माध्यम बच्चों के समय और एकाग्रता को प्रभावित करने वाली बड़ी चुनौती हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि विद्यार्थियों को स्क्रीन आधारित गतिविधियों से बाहर निकालकर खेल, रचनात्मक गतिविधियों और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से जोड़ा जाए।
शतरंज जैसे खेल एकाग्रता, तार्किक सोच, धैर्य और निर्णय क्षमता विकसित करते हैं। वहीं अन्य खेल बच्चों को शारीरिक रूप से सक्रिय रखने के साथ अनुशासन और टीम भावना विकसित करते हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि बच्चे अपने समय का अधिक हिस्सा खेल और सकारात्मक गतिविधियों में निवेश करें।

