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जशपुर।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास की पहल पर जशपुर जिले में विज्ञान शिक्षण को अधिक प्रयोगात्मक, गतिविधि आधारित एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में JashQuest कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 64 विज्ञान के शिक्षकों को सेजेस जशपुर में
प्रशिक्षण दिया गया। यह सभी स्रोत शिक्षक अगले चरण में विकासखंड स्तर पर अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेन्द्र सिन्हा ने प्रशिक्षण को जिले में विज्ञान शिक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इस तरह की अवधारणा जिले में पहली बार लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के मन-मस्तिष्क में एक अच्छे शिक्षक के रूप में अपनी छाप छोड़ें और यह सुनिश्चित करें कि सभी बच्चे गतिविधियों में समान रूप से सहभागी बनें। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे विश्वास है इस पहल के परिणाम आने वाले समय में विद्यालय एवं ब्लॉक स्तर पर बेहतर दिखाई देंगे तथा विज्ञान प्रदर्शनियों में भी विद्यार्थियों द्वारा नई एवं रचनात्मक गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
प्रशिक्षण का शुभारंभ सहायक संचालक श्रीमती सरोज खलखो की उपस्थिति में हुआ। प्रशिक्षण संचालन के लिए यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय और व्याख्याता संजय दास उपस्थित रहे।
‘फ्रॉम एक्सपीरियंसिंग टू एम्पावरिंग लर्नर्स’ थीम पर आधारित इस प्रशिक्षण में थिंकटेक बेंगलुरु की एजुकेटर्स टीम के द्वारा शिक्षकों को एक्सपीरिएंशियल लर्निंग, एक्टिविटी-बेस्ड लर्निंग एवं कॉम्पिटेंसी-बेस्ड लर्निंग की तकनीकों से परिचित कराया गया।
प्रशिक्षण में थिंकटेक की ओर से एजुकेटर श्रीमती लक्ष्मी जोइस, हेमंत मुदलियार, गौतम सिंह एवं श्रीमती रुचि मुदलियार ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया। शिक्षकों ने पेपर ब्रिज बिल्डिंग चैलेंज, डीआईवाई बैटरी, वाटर स्प्रे मॉडल, एसिड-बेस रिएक्शन, फूड स्टार्च टेस्ट, फिजिकल एंड केमिकल रिएक्शंस एवं स्ट्रॉ प्रोपेलर जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित गतिविधियों के प्रयोग किए।
इन गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को विद्यार्थियों में ऑब्जर्वेशन, क्वेश्चनिंग, इन्वेस्टिगेशन, क्रिएटिविटी, कोलैबोरेशन, प्रॉब्लम सॉल्विंग, एप्लीकेशन एवं स्कैम्पर जैसी दक्षताओं को विकसित करने की व्यवहारिक समझ की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विज्ञान शिक्षण को ‘करके सीखने’ की अवधारणा से जोड़ते हुए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को टीचर कॉर्नर ऐप के माध्यम से थिंकटेक द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले निरंतर शैक्षणिक सहयोग एवं संसाधनों की जानकारी भी दी गई।
STEM क्लब गठन की जानकारी भी दी गई।
जिले में विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीक से जोड़ने के लिए STEM क्लब गठन से संबंधित जानकारी भी दी गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एवं मैथमेटिक्स के प्रति रुचि, जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच विकसित करना तथा उन्हें हैंड्स-ऑन लर्निंग के अवसर उपलब्ध कराना है।

