
मनोरा
शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 4 संकुल के प्राथमिक भाषा शिक्षकों का संकुल हर्रापाठ के अंतर्गत प्राथमिक शाला छतोरी में शिक्षा विभाग एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से जोन स्तरीय अकादमिक संकुल बैठक- भाषा कार्यशाला तरुण पटेल विकास खंड शिक्षा अधिकारी मनोरा, जगत पाल राम सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी एवं आशुतोष शर्मा विकास खंड स्त्रोत समन्वयक मनोरा के मार्गदर्शन में मुकेश जी ,लोकनाथ प्रसाद यादव ,प्रेम कुमार यादव ,निर्दोष कुमार, संकुल समन्वयक एवं जोन प्रशिक्षकों द्वारा संकुल हर्रापाठ, तालासिलीअलोरी गुल्लू एवं ओरकेला के प्राथमिक शालाओं में पढ़ाने वाले भाषा शिक्षकों की अकादमिक बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य हिंदी विषय के शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक एवं गतिविधि-आधारित बनाना था।
बैठक में कविता गीत शब्द जाल नवीन हिंदी पाठ्यपुस्तक की समीक्षा अभ्यास पुस्तिका के प्रभावी एवं प्रवाही उपयोग, हिंदी विषय की पेडागॉजी नोट्स पर विस्तृत डेमो एवं चर्चा तथा प्रधान पाठक प्रोजेक्ट में इस वर्ष प्रिंट रिच, पुस्तकालय, रचनात्मक लेखन को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न प्रवाही गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही आगामी संकुल बैठकों की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
उक्त अकादमिक कार्यशाला में संकुल अलोरी के अंतर्गत प्राथमिक शाला अलोरी, खरवाटोली, मतलोंगा, संकुल गुल्लू के अंतर्गत प्राथमिक शाला उपर गुल्लू, झरगांव EDU, बरटोली, गुल्लू, झरगांव, वन ग्राम बोरोकोना संकुल हर्रापाठ के अंतर्गत हर्रापाठ, करदना, कोड़रोटोली, छतोरी, गुतकिया, अम्बाटोली करदाना पाठ संकुल तालासीली के अंतर्गत प्राथमिक शाला तालासिली, सिंदूर घाटी, पंडरसीली, बृंदाटोली,आराकोना अ एवं आराकोना ब संकुल ओरकेला के अंतर्गत प्राथमिक शाला पटिया EDU, रुकरुमा, पटिया आश्रम, कुंबडीबथान , अंगराकोना सहित विभिन्न विद्यालयों के भाषा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को बैठक में कविता गीत, कविता के चित्र और शीर्षक पर बातचीत करने, शब्द पहचान, कविता हाव -भाव के साथ सुनाना, एवं चर्चा, अभिनय एवं गतिविधि, शब्दों की ध्वनियां, अक्षर की समझ, शब्द जाल, कविता पठन तुकांत शब्दों की पहचान, मात्रा पहचान शब्द निर्माण गतिविधि-आधारित शिक्षण एवं रचनात्मक लेखन को अपने विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया।
बैठक का समापन सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार श्री लोकनाथ प्रसाद यादव संकुल समन्वयक हर्रापाठ द्वारा व्यक्त करते हुए किया गया।

