
NEET,CBSE परीक्षाओं में पेपर लीक एवं सामने आई कथित घोर अनियमितताओं और इन अनियमिताओं का जंतर मंतर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर उचित कार्यवाही की मांग करने वाले छात्र छात्रों पर किए गए अमानवीय लाठी चार्ज एवं छात्राओं ,महिलाओं से पुरुष पुलिस द्वारा गलत नीयत से डंडे का प्रयोग, IPS पुलिस के आला अफ़सर द्वारा एक महिला को बिना कारण थप्पड़ मारने की कार्रवाई एवं देश की संसद में विपक्ष के नेता एवं राज्यसभा सांसद श्री राहुल गांधी जी द्वारा इस अमानवीय घटना का शांति पूर्वक विरोध करने पर उनसे पुलिस द्वारा उन्हें उठा कर ,घसीट कर ले जाने के आमर्यादित व्यवहार की घोर शब्दो में निंदा करते हुए अल्पसंख्यक कांग्रेस परिवार के
वरिष्ठ नेता सरदार दलवीर सिंह जस्सल, सुमन कुमार जैन ने केंद्र सरकार को संबोधित कर कड़ा विरोध दर्ज कराया ।


उन्होंने कहा कि देश के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी प्रकार की लापरवाही, अव्यवस्था अथवा अनियमितता की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार और संबंधित संस्थाओं की सर्वोच्च जिम्मेदारी है नैतिक मूल्यों की रक्षा के मध्य नजर रखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
आगे कहा कि यदि परीक्षाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गलतियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़े, यह किसी भी दृष्टि से न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी वर्षों की मेहनत, लगन और समर्पण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया पर उठने वाले सवाल न केवल छात्रों का मनोबल तोड़ते हैं, बल्कि अभिभावकों का विश्वास भी कमजोर करते हैं। इसलिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाया जाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
अल्पसंख्यक कांग्रेस परिवार के वरिष्ठ नेताओं ने मांग की कि जिन विद्यार्थियों के साथ अन्याय हुआ है, उन्हें शीघ्र न्याय मिले तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी एवं स्थायी व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य देश की सबसे बड़ी पूंजी है, और उसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस पार्टी एवं उसका अल्पसंख्यक विभाग विद्यार्थियों के अधिकारों और न्यायपूर्ण परीक्षा व्यवस्था के पक्ष में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने केन्द्र सरकार एवं संबंधित परीक्षा एजेंसियों से मांग, कि छात्रों की भावनाओं का सम्मान करते हुए पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित की जाए, ताकि युवाओं का विश्वास शिक्षा व्यवस्था में बना रहे।

