
जबलपुर, दिनांक _
सिक्ख समाज ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा लगभग 70 वर्ष पुराने हज़ूर साहिब (अबचल नगर, नांदेड़) एक्ट 1956 को समाप्त कर उसके स्थान पर नया कानून एवं नये नियम लागू करने के प्रस्ताव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसका विरोध किया है।
सिक्ख यूथ एंड सीनियर एसोसिएशन इंडिया (रजि.) के अध्यक्ष एवं एआईसीसी अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय संयोजक श्री दलवीर सिंह जस्सल ने भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस जी को ज्ञापन प्रेषित कर इस विषय पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि तख्त सचखंड श्री हज़ूर साहिब, नांदेड़ सिक्ख पंथ की सर्वोच्च धार्मिक संस्थाओं में से एक है तथा देश-विदेश में बसे करोड़ों सिक्ख श्रद्धालुओं की आस्था एवं धार्मिक भावनाओं का केंद्र है। ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सामाजिक विषय पर सिक्ख समाज, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी), श्री अकाल तख्त साहिब के सिंह साहिबान एवं अन्य पंथक संगठनों से व्यापक विचार-विमर्श और सहमति के बिना कोई भी निर्णय लिया जाना उचित नहीं है।
श्री जस्सल ने कहा कि श्री हज़ूर साहिब की ऐतिहासिक परंपराओं, मर्यादा एवं स्वायत्तता को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। वर्षों से चली आ रही व्यवस्था में एकतरफा बदलाव अथवा नया कानून थोपने का प्रयास सिक्ख समाज की धार्मिक स्वतंत्रता एवं संवैधानिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि हज़ूर साहिब एक्ट 1956 को समाप्त करने एवं नया कानून लागू करने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए तथा इस विषय पर कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पूर्व सिक्ख समाज, एसजीपीसी, श्री अकाल तख्त साहिब के सिंह साहिबानों एवं सभी संबंधित पंथक संगठनों से व्यापक राय-मशविरा किया जाए।
सिक्ख समाज ने विश्वास व्यक्त किया है कि भारत सरकार एवं महाराष्ट्र सरकार सिक्ख समाज की धार्मिक, सामाजिक भावनाओं, संवैधानिक अधिकारों तथा ऐतिहासिक परंपराओं का सम्मान करते हुए उचित निर्णय लेंगी।
जारीकर्ता:दलवीर सिंह जस्सलअध्यक्ष, सिक्ख यूथ एंड सीनियर एसोसिएशन इंडिया (रजि.)राष्ट्रीय संयोजक, एआईसीसी अल्पसंख्यक विभागसचिव, जबलपुर सिक्ख संगत (रजि.)

