मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय दाबो के शिक्षक, विद्यार्थी सहित 300 से अधिक लोगों ने डी.ई.सी., एल्बेंडाजोल एवं आईवरमेक्टिन की दवा सेवन किया. जिले में आज 01 लाख 06 हजार 300 से अधिक लोगों को दवा सेवन कराया गया. उन्होने बताया कि मुंगेली विकासखण्ड में 660 बूथ, लोरमी विकासखण्ड में 560 बूथ और पथरिया विकासखण्ड में 400 बूथ सहित कुल 01 हजार 620 बूथ बनाए गए हैं. जिले में 01 हजार 790 दल के 03 हजार 580 से अधिक सदस्यों द्वारा दवा सेवन कराया जा रहा है.

डीपीएम गिरीश कुर्रे ने बताया कि जिले मेें 08 लाख 51 हजार 895 से अधिक लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. प्रथम चरण अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा स्कूलों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ियों आदि शैक्षणिक संस्थानों में 12 फरवरी तक दवा सेवन कराया जाएगा. इसी तरह द्वितीय चरण में 13 से 22 फरवरी तक घर-घर जाकर तथा 23 से 25 फरवरी तक छूटे हुए लोगों को मापअप राउंड अंतर्गत दवा सेवन कराया जाएगा.
फायलेरिया की दवा पूरी तरह सुरक्षित,अफवाह या भ्रम से रहें सतर्क

स्वास्थ्य अधिकारियो ने बताया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और औषधि विशेषज्ञों एवं चिकित्सकों द्वारा लंबे परीक्षण के बाद फायलेरिया जैसे गंभीर रोग से बचाव के लिए तैयार की गई है. स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि दवा सेवन के बाद कुछ व्यक्तियों को हल्का सिर दर्द, हल्का बुखार, उल्टी, पेट दर्द, चक्कर आना अथवा नींद आने जैसी सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है, जिसमें घबराने की आवश्यकता नहीं है.
वहीं कुछ बच्चों के पेट में कृमि होने की स्थिति में दवा में सम्मिलित अलबेंडाजोल गोली के प्रभाव से कृमि मरने पर पेट में हल्का दर्द हो सकता है, जो सामान्य प्रक्रिया है. मुंगेली विकासखंड के ग्राम भरदा में दवा सेवन के बाद 06 बच्चों और 01 बुजुर्गों द्वारा थकान, नींद आने और पेट दर्द की शिकायत की गई. शिकायत मिलते ही कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सक एवं नर्सिंग टीम, एसडीएम एवं तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंची और घर-घर भ्रमण कर संबंधित बच्चों एवं परिवारजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. जांच के दौरान सभी बच्चे एवं संबंधित व्यक्ति पूर्णतः स्वस्थ पाए गए. गांव में दवा सेवन के बाद किसी भी व्यक्ति के गंभीर रूप से अस्वस्थ होने की पुष्टि नहीं हुई.
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि फायलेरिया उन्मूलन के लिए दवा सेवन अभियान में सहभागिता सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की सामान्य प्रतिक्रिया होने पर घबराएं नहीं. आवश्यकता पड़ने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य टीम से संपर्क करें. प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि फायलेरिया की दवाइयां पूरी तरह सुरक्षित हैं और यह अभियान जिले को हाथीपाँव जैसे गंभीर रोग से मुक्त करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है.
मुंगेली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप देश को 2030 तक फाइलेरिया (हाथी पांव) जैसी गंभीर बीमारी मुक्त बनाने के उद्देश्य से 25 फरवरी तक सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. अभियान अंतर्गत 02 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी नागरिकों को डी.ई.सी., एल्बेंडाजोल एवं आईवरमेक्टिन दवा का संयुक्त रूप से सेवन कराया जा रहा है. कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जवाहर नवोदय विद्यालय दाबो पहुंचकर विद्यार्थियों को दवा सेवन कराया. उन्होंने बच्चों को 90 प्लस शिक्षा गुणवत्ता अभियान की जानकारी देते हुए बेहतर पढ़ाई कर परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने प्रोत्साहित किया.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय दाबो के शिक्षक, विद्यार्थी सहित 300 से अधिक लोगों ने डी.ई.सी., एल्बेंडाजोल एवं आईवरमेक्टिन की दवा सेवन किया. जिले में आज 01 लाख 06 हजार 300 से अधिक लोगों को दवा सेवन कराया गया. उन्होने बताया कि मुंगेली विकासखण्ड में 660 बूथ, लोरमी विकासखण्ड में 560 बूथ और पथरिया विकासखण्ड में 400 बूथ सहित कुल 01 हजार 620 बूथ बनाए गए हैं. जिले में 01 हजार 790 दल के 03 हजार 580 से अधिक सदस्यों द्वारा दवा सेवन कराया जा रहा है.

डीपीएम गिरीश कुर्रे ने बताया कि जिले मेें 08 लाख 51 हजार 895 से अधिक लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. प्रथम चरण अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा स्कूलों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ियों आदि शैक्षणिक संस्थानों में 12 फरवरी तक दवा सेवन कराया जाएगा. इसी तरह द्वितीय चरण में 13 से 22 फरवरी तक घर-घर जाकर तथा 23 से 25 फरवरी तक छूटे हुए लोगों को मापअप राउंड अंतर्गत दवा सेवन कराया जाएगा.
फायलेरिया की दवा पूरी तरह सुरक्षित,अफवाह या भ्रम से रहें सतर्क

स्वास्थ्य अधिकारियो ने बताया कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और औषधि विशेषज्ञों एवं चिकित्सकों द्वारा लंबे परीक्षण के बाद फायलेरिया जैसे गंभीर रोग से बचाव के लिए तैयार की गई है. स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि दवा सेवन के बाद कुछ व्यक्तियों को हल्का सिर दर्द, हल्का बुखार, उल्टी, पेट दर्द, चक्कर आना अथवा नींद आने जैसी सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है, जिसमें घबराने की आवश्यकता नहीं है.
वहीं कुछ बच्चों के पेट में कृमि होने की स्थिति में दवा में सम्मिलित अलबेंडाजोल गोली के प्रभाव से कृमि मरने पर पेट में हल्का दर्द हो सकता है, जो सामान्य प्रक्रिया है. मुंगेली विकासखंड के ग्राम भरदा में दवा सेवन के बाद 06 बच्चों और 01 बुजुर्गों द्वारा थकान, नींद आने और पेट दर्द की शिकायत की गई. शिकायत मिलते ही कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सक एवं नर्सिंग टीम, एसडीएम एवं तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंची और घर-घर भ्रमण कर संबंधित बच्चों एवं परिवारजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. जांच के दौरान सभी बच्चे एवं संबंधित व्यक्ति पूर्णतः स्वस्थ पाए गए. गांव में दवा सेवन के बाद किसी भी व्यक्ति के गंभीर रूप से अस्वस्थ होने की पुष्टि नहीं हुई.
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि फायलेरिया उन्मूलन के लिए दवा सेवन अभियान में सहभागिता सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की सामान्य प्रतिक्रिया होने पर घबराएं नहीं. आवश्यकता पड़ने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य टीम से संपर्क करें. प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि फायलेरिया की दवाइयां पूरी तरह सुरक्षित हैं और यह अभियान जिले को हाथीपाँव जैसे गंभीर रोग से मुक्त करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है.

