
लोकसभा और राज्यसभा में हुए हंगामा के बीच विपक्षीसांसदों ने ने संसद के मकर द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया हाथों में पोस्ट लेकर पहुंचे सांसदों ने सरकार और सदन की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की कहा की हमें आप सस्पेंड कर सकते हैं लेकिन साइलेंट नहीं यह वाक्या विपक्ष के नेता राहुल गांधी को संसद में बोले जाने के खिलाफ हुआ था जिसको लेकर लोकसभा अध्यक्ष द्वारा 8 सांसदों को निलंबित कर दिया था इस घटना पर अल्पसंख्यक कांग्रेस परिवार के वरिष्ठ नेता सरदार दलवीर सिंह जस्सल ,सुमन कुमार जैन ने कहा कि सांसद संवाद का मंच है चर्चा का मंच है ना कि विपक्ष की आवाज दबाने का माध्यम,बार-बार सांसदों को निलंबित करना बोलने का अवसर न देना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है जिस पर कांग्रेस परिवार की ओर से लोकसभा अध्यक्ष की कड़ी निंदा करते हुए कहा की जनहित के मुद्दे पर संसद में चर्चा नहीं होगी तो क्या संसद के बाहर होगी
यदि विपक्ष को बोलने का मौका दिया गया होता तो हंगामें और बहस का जैसी स्थिति निर्मित ही नहीं होती सदन के अंदर सभापति किया कर्तव्य होता है कि वह प्रत्येक सदस्य को अपने विचार रखने का पर्याप्त अवसर व मौका दें

