नगर निगम की बैठक हंगामेदार होने की उम्मीद
इंदिरा कला संगीत विवि में कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
मोहला। दो लोगों के बीच में हो रहे लड़ाई झगड़ा में बीच-बचाव करने गए एक युवक की हंसिया से ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दी गई. शिकायत मिलने पर पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से रिमांड पर जेल भेज दिया गया.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गत 01 फरवरी को प्रवीण कुमार भूआर्य अपने मित्र विमल मंडावी के साथ ग्राम के सदाराम कोवाची के घर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचा था. जब दोनों वापस लौट रहे थे, रात्रि लगभग 8-10 बजे वे विजय सलामे के घर के पास पहुंचे, जहां विजय सलामे और लोमश मंडावी के बीच आपसी विवाद एवं झगड़ा हो रहा था.
दोनों मित्रों ने बीच- बचाव कर मामला शांत कराया और लोमेश मंडावी को उसके घर तक छोड़ने गए. वापसी के दौरान लोमश मंडावी अपने घर से सब्जी काटने वाला धारदार हशिया लेकर बाहर आया और आवेश में आकर प्रवीण कुमार से विवाद करते हुए उस पर हंसिया से हमला कर दिया.
इस हमले में प्रवीण कुमार के पेट और हाथ में गंभीर चोट पहुंची. उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मोहला में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. प्रार्थी धीरज कुमार पिता नकूल आर्य उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम विजयपुर थाना मोहला की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ धारा 194 बीएनएस कायम कर घटना की जांच प्रारंभ की गई.
जांच के दौरान आरोपी लोमश कुमार मंडावी पिता ब्रम्हाराम मंडावी उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम विजयपुर थाना मोहला को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसके पास से घटना में प्रयुक्त धारदार हंसिया को भी जब्त किया गया. आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.
बीते साल बजट के बाद पहली बार होने वाली निगम की सामान्य सभा होगी हंगामेदार
राजनांदगांव। आगामी नौ फरवरी को नगर निगम में पहली बार सामान्य सभा का आयोजन होगा. इसे लेकर विपक्ष द्वारा सत्तापक्ष को घेरने की तैयारी की जा रही है. हालांकि इसके पहले भाजपा पार्षदों की बैठक में बचाव की रणनीति बन चुकी है. देखना है कि विपक्ष किस हद तक जनहित के मुद्दो को सदन में उठाएगी.जानकारी के अनुसार, नगरनिगम में पिछले साल बजट के बाद एक बार भी सामान्य सभा का आयोजन नही किया गया है. जबकि हर दो माह में एक सामान्य सभा किए जाने का नियम हैं. बहरहाल नौ फरवरी को सामान्य सभा का आयोजन किए जाने की तैयारी है मिली जानकारी के अनुसार सामान्य सभा के प्रश्नकाल के लिए कुल 13 पार्षदों ने प्रश्न लगाए हैं. इनमें 12 पार्षदों द्वारा 2-2 प्रश्न एवं एक पार्षद द्वारा एक ही प्रश्न इस तरह कुल 25 प्रश्न लगाए गए हैं. इनमें शहर में हो रही अवैध प्लाटिंग से संबंधित प्रश्न लगाया गया है.
इसके अलावा कांग्रेस पार्षद द्वारा मोहारा फिल्टर प्लांट में एलम उपयोग को लेकर प्रश्न लगाया है. चौक-चौराहों के नामकरण के अलावा निराश्रित पेंशन, सफाई ठेका जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी प्रश्न लगाए गए हैं. विपक्ष का कोई प्रभाव नही, उठ रहे सवाल नगरनिगम में जनहित के मुद्दो को लेकर विपक्ष द्वारा आम लोगों के बीच उपस्थिति अब तक नही दिखी है. इसमें चाहे सफाई ठेका हो या कर्मचारियों को वेतन का भुगतान व प्लांट में साफ पानी जैसे विषय शामिल है.
हालांकि, कुछ हद तक कांग्रेस संगठन ने मुद्दो को उठाया है. वही अब सामान्य सभा में देखना होगा कांग्रेस पार्षद इतने अर्से बाद होने वो सामान्य सभा में कितने गंभीर नही आते है. इधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस सामान्य सभा को लेकर भाजपा पार्षदों की एक बैठक आयोजित की जा चुकी है.
आज से गूंजेंगी शहनाइयां, बाजार भी होगा गुलजार
राजनांदगांव। फरवरी महीने की 5 फरवरी से वैवाहिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो रही है. शुभ मुहूर्त की शुरुआत होने से अधिक से अधिक शादियां संपन्न कराई जाएंगी. शादी मुहूर्त शुरू होने के चलते बाजार में भी रौनक लौटेगी. व्यापारियों की माने तो तीन माह तक शादियां होने से बाजार में भी अच्छी खरीदारी होगी .
ज्योतिष आचार्य की माने तो वर्ष 2026 में शादियों के भी वैवाहिक मुहूर्तों की श्रृंखला काफी अधिक है. अन्य शुभ कार्य भी अधिक से अधिक संपन्न कराए जाएंगे. गृह प्रवेश से लेकर अन्य कार्यों के लिए भी अच्छे से अच्छे मुहूर्त बताएं जा रहे हैं. आने वाले दिनों में बाजार में चहल-पहल भी बढ़ जाएगी.
5 फरवरी से शादियां भी शुरू हो रही है और शहनाइयों की गंज सनाई देगी. पंडित आचार्य श्री शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2026 शुभ मुहूर्त के लिए सबसे अच्छा वर्ष है. फरवरी महीने से शादियों की श्रृंखला भी शुरू हो जाएगी. फरवरी माह से लेकर दिसंबर 2026 तक शादियों के अच्छे मुहूर्त रहेंगे. बीच के महीने में मलमास का महीना भी है.
मिली जानकारी के मुताबिक, फरवरी महीने में 5, 6, 8 ,10,12, 14, 19,20,21, 24,25, 26 को मुहूर्त है. मार्च के महीने में 1,3, 4 .7.8. 9. 11. 12 अप्रैल के महीने में 15,20, 21, 25, 26, 27,28,29 के महीने में 1, 3, 5, 6, 7,813, 14 जून के महीने में 21, 22, 23, 24, 25 , 26, 27, 29 जुलाई में 1,6,7 उसके बाद नवंबर के महीने में 21, 24, 25, 26 और दिसंबर में 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12 को मुहूर्त रहेंगे.
बाजार में बढ़ेगी रौनक : 5 फरवरी से शादियों की श्रृंखला शुरू हो रही है ऐसे में बाजार में भी काफी चहल पहल रहेगी बर्तन बाजार से लेकर सोना, चांदी, कपड़ा और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों में अच्छी ग्राहकी होने की संभाव है . इलेक्ट्रॉनिक दुकान भी गुलजार रहेंगे.
अगस्त महीने से चातुर्मास : अगस्त सितंबर अक्टूबर में चातुर्मास होने के कारण इस महीने में भगवान विष्णु के शयनकाल में रहने के कारण शुभ मुहूर्त की मनाही रहेगी. मई के मध्य से जून के मध्य तक अधिवास भी रहेगा . 17 मई 15 जून तक मांगलिक कार्य पूरी तरह वर्जित रहेंगे. फरवरी महीने से शुभ मुहू होने के कारण बाजार भी पूरी तरह से गुलजार रहेगा. व्यापारियों में भी अच्छा व्यवसाय होने की संभावना है. जुलाई महीने के बाद फिर नवंबर और दिसंबर ही शादियों के मुहूर्त होंगे तब शादियां संभव होंगी.
इंदिरा कला संगीत विवि में कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
खैरागढ़। एशिया के पहले संगीत विश्वविद्यालय के रूप में प्रसिद्ध इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ एक बार फिर प्रशासनिक विवादों के केंद्र में आ गया है. विश्वविद्यालय के गैर शिक्षक कर्मचारियों और कर्मचारी कल्याण संघ के संयुक्त आह्वान पर सैकड़ों कर्मचारी अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.
कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न दुर्व्यवहार पक्षपात और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए हैं. संघ का कहना है कि उनका उद्देश्य संस्थान की छवि को नुकसान पहुँचाना नहीं है. बल्कि संविधान कानून और शैक्षणिक मूल्यों के अनुरूप विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है .
कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया है कि प्रभारी कुलसचिव डॉ. सौमित्र तिवारी, सहायक कुलसचिव राजेश गुप्ता कर्मचारियों के साथ लगातार मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं. संघ का दावा है कि कर्मचारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाना धमकीपूर्ण भाषा का प्रयोग और गाली गलौज आम हो गई है. इसके अलावा निजी स्तर पर भय का वातावरण बनाना अब सामान्य स्थिति बन चुका है.
कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार विश्वविद्यालय के अनुशासित सौहार्दपूर्ण और शैक्षणिक वातावरण को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है. संघ ने यह भी उल्लेख किया कि कर्मचारियों पर नियम और पद विवरण के अनुरूप नहीं असंगत कार्यभार लगाया जा रहा है जो श्रम कानूनों और प्रशासनिक मर्यादाओं के खिलाफ है. कई मामलों में को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है जिससे न केवल प्रशासनिक कार्य बाधित होते हैं बल्कि विश्वविद्यालय के विकासात्मक कार्य भी ठप पड़ जाते हैं.

