



जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के अंधरझर संकुल के प्राथमिक शाला बहेराकोना में गणित विषय पर प्रदर्शनकारी कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मजेदार ढंग से गणित की अवधारणात्मक स्पष्टता पर बच्चों के साथ कार्य किये गये जिससे बच्चों के लिए यह विषय जटिल न होकर मजेदार बन गया। अन्यथा अवधारणा की समझ प्रारंभिक कक्षाओं में नहीं होने पर बच्चों को यह एक जटिल विषय लगने लगता है और बच्चे इससे दूरी बनाने लगते हैं।
गणितीय अवधारणाओं की समझ जब दैनिक जीवन, स्थानीय परिवेश से जोड़ते हुए ठोस वस्तुओं और गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण कार्य किये जाते हैं तो बच्चों में विषय की समझ आसानी से हो जाती है।
बच्चे आनंददायी तरीके से खेल-खेल में सरलता से अपनी समझ विकसित कर लेते हैं और यह समझ पक्की हो जाती है। इसका सजीव उदाहरण संकुल केंद्र अंधरझर के प्राथमिक शाला बहेराकोना में आयोजित शिक्षण कार्यशाला में देखने को मिला।
स्कूल के शिक्षक कालेश्वर राम सारस अपनी कक्षा तीसरी के बच्चों की जोड़- घटाव पर कक्षा ले रहे थे, बाकी शिक्षक उनकी कक्षा का अवलोकन कर रहे थे।
अवलोकन करने वाले हेतु तेरह शिक्षक- शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
इस दौरान अंधरझर संकुल के सीएसी जेपी यादव एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के मुकेश कुमार उपस्थित थे। कक्षा अध्यापन समाप्ति के बाद सभी उपस्थित शिक्षकों से जोड़- घटाव से संबंधित शिक्षण अभ्यास पर विस्तृत चर्चा की गई।
जोड़- घटाव के संदर्भ में संख्याओं की समझ ठोस वस्तुओं से करते हुए एकत्रीकरण यानी दो या दो से अधिक समूहों का उपयोग करते हुए और वृद्धि यानी किसी समूह में वृद्धि का उपयोग करते हुए संख्याओं को तोड़ने फिर जोड़ने, ठोस वस्तुओं के साथ जोड़ घटाव पर एक स्तर की गतिविधि करवाने के बाद गणितीय (+,=) की समझ स्थानीय भाषा से गणितीय भाषा के चरणों को गतिविधि द्वारा बताई गई। इसके साथ ही साथ तीन अंकीय जोड़ में हासिल की समझ को तिली बंडल के माध्यम से गतिविधि आधारित कक्षा में प्रदर्शित किया गया। जिसमें बच्चों ने इकाई दहाई और सैकड़े के बंडल तैयार कर अपनी समझ जोड़ घटाव में उत्साह पूर्वक किया। शिक्षक द्वारा तीली, बंडल, नकली नोट व ठोस वस्तुओं से बच्चों को ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज – दोनों ही तटीके से जोड़ -घटाव के सवालों को हल करने का अवसर दिया गया। इसके साथ-साथ स्थानीय परिवेश व दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली चीजों से इबारती प्रश्न तैयार कर बच्चों के साथ हल करते हुए, बच्चों को खुद भी इबारती सवाल फ्रेम करने का मौका दिया गया।
जोड़ घटाव के तथ्य बनाते हुए रूपए पैसे की समझ पर इबारती सवाल हल कराते हुए प्रश्न निर्माण के तरीकों को बच्चों के साथ कराई गई जिसमें बच्चों ने अपनी समझ बनाते हुए प्रश्न निर्माण किया।
शिक्षक द्वार कक्षा स्तर पर लगातार अभ्यास व गतिविधियों के माध्यम से तैयार किया गया जिसमें बच्चे खेल-खेल में आनंदमय तरीके से सिखते हुए नजर आए।
इस मौके पर प्राथमिक शाला अंधरझर से राजनाथ राम, प्राथमिक शाला लफु्वाकोना से बेनेदिक्ता टोप्पो, प्राथमिक शाला भाटापाठ से कपिल तिर्की, प्राथमिक शाला कोरवाटोली से बसंत राम प्रधान, प्राथमिक शाला बरपाठ से दया कुमारी टोप्पो, प्राथमिक शाला ऊपर आमगांव से स्वरूप किरण, प्राथमिक शाला आमगांव से आमोश खल्खो, प्राथमिक शाला खम्हली से सेबेस्टियानी कुजूर, प्राथमिक शाला गीधा से सविता देवी, प्राथमिक शाला बंदकोना से बलराम राम, प्राथमिक शाला लवमुरहा से परमानंद राम, प्राथमिक शाला बांसताला से सुखदेव राम एवं प्राथमिक शाला बहेराकोना से शिवकुमार यादव उपस्थित हुए।

