जशपुर
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरगांव में आज पालक-शिक्षक बैठक सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह आयोजन विद्यालय, शिक्षकों, पालकों और छात्रों के समन्वय से एक सार्थक संवाद और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बन गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला रोजगार अधिकारी सुश्री दुर्गेश्वरी सिंह और विशिष्ट अतिथि ग्राम सरपंच
श्रीमती आरती भगत पूर्व शिक्षक गोविंद मिश्रा तथा एसएमडीसी अध्यक्ष प्रतिनिधि सहित समिति के समस्त सदस्य उपस्थित रहे।
विद्यालय की प्राचार्य के नेतृत्व में कार्यक्रम का सांस्कृतिक और बौद्धिक समन्वयपूर्ण संचालन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना से हुई। छात्राओं ने स्वागत गीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सभी अतिथियों का मन मोह लिया।
प्राचार्य ने अपने उदबोधन में कहा –
“शिक्षक और अभिभावक जब एक दिशा में कदम मिलाते हैं, तो बच्चों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है।हमारा उद्देश्य है बच्चे सिर्फ अच्छे अंक नहीं, अच्छे इंसान भी बने। इस बैठक का उद्देश्य सिर्फ उपलब्धियों को बताना नहीं, बल्कि यह समझना भी है कि हम सब मिलकर बच्चों की कमियों को कैसे दूर करें, उनकी खूबियों को कैसे और निखारें, और उन्हें आत्मविश्वासी, जिम्मेदार नागरिक कैसे बनाएं।
मुख्य अतिथि सुश्री दुर्गेश्वरी सिंह ने कहा –
“बच्चों से तो अक्सर मिलती हूँ, पर पालकों से संवाद का यह अवसर बरगांव ने दिया।
रोजगार केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है, टेक्निकल, स्किल और क्रिएटिव क्षेत्रों में भी अपार संभावनाएं हैं। मैं आपको बताना चाहती हूं कि रोजगार का कोई भी क्षेत्र कम नहीं होता सिर्फ सरकारी नौकरी के लिए हम पढ़ाई नहीं करते बल्कि एक अच्छे नागरिक बनने के साथ-साथ हमें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपने बच्चों के कै रियर को ध्यान में रखना चाहिए ताकि वे और भी अच्छा कर सके चाहे वह कोई भी क्षेत्र हो वह टेक्नीशियन, प्लंबिंग,विद्युत, मेकेनिक या कोई भी क्षेत्र हो अपने हुनर के दम पर भी वह अच्छे रोजगार की प्राप्ति कर सकते हैं रोजगार अधिकारी के रूप में मैं आपको लगातार मार्गदर्शन देती रहूंगी.
विशिष्ट अतिथि गोविंद मिश्रा ने अपनी “जादुई पिटारा प्रस्तुति” से कार्यक्रम में उल्लास का संचार किया।
कार्यक्रम में बस्ता रहित शनिवार, बच्चा बोलेगा बेझिझक, स्वास्थ्य पोषण, डिजिटल लाइब्रेरी, पॉक्सो एक्ट और गुड टच–बैड टच जैसे संवेदनशील विषयों पर शिक्षक और पालकों में सकारात्मक चर्चा हुई।
पालकों की भागीदारी सराहनीय रही, विशेषकर श्रीमती विद्यावती, कालेश्वर, शशिध्वज, श्रीमती सुनीला लकड़ा आदि ने अपने विचार आत्मीयता से साझा किए।
शिक्षकों ने भी विषयानुसार प्रस्तुतियाँ दीं। विद्यालय की कला, वाणिज्य और विज्ञान संकाय के संचालन, कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई, रेडक्रॉस, खेलकूद और करियर मार्गदर्शन जैसी गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला गया।
सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों के पालकों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का सारगर्भित संचालन डॉ. मिथिलेश कुमार पाठक द्वारा किया गया।

