राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा देश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक बाल मित्र पुलिस स्टेशन बनाने का निर्देश दिया गया है-बच्चो के लिए खिलोने ओर पुस्तके भी रखी जायेगी*बाल कारागार गुलाबी रंगेगा

 अब थानों में मिलेंगे खिलौने और पुस्तके -गुलाबी रंग में रंगे आएंगे नजर

    
 पुरे देश में सभी जिले में कम से कम एक बाल मित्र थाना खुलेगा। इसकी शुरुआत हरियाणा के पलवल में 31 अगस्त को होने जा रहा है।
बाल मित्र पुलिस स्टेशन, पलवल के महिला थाना परिसर में ही खोला जाएगा। इसका उद्घाटन हरियाणा व पंजाब उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस एके मित्तल करेंगे।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा देश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक बाल मित्र पुलिस स्टेशन बनाने का निर्देश दिया गया है।पुलिसकर्मियों को भी बाल अधिकारों को लेकर मानसिक तौर पर तैयार किया जाएगा और संवेदनशील बनाया जाएगा। बाल मित्र पुलिस स्टेशन को रंगीन और आकर्षक बाल कारागार के तौर पर विकसित किया जाएगा।
पुलिस स्टेशन के बाल कारागार को गुलाबी रंग से पेंट किया जाएगा।
बाल मित्रता थाने में बच्चों के लिये आवश्यक सुविधाएं होंगी तथा उनके लिए खिलौनों व पुस्तकों की व्यवस्था भी होगी।
इसलिए है जरूरी
पुलिस स्टेशन आज भी बाल अधिकारों के अनुकूल नहीं हैं।
जब कोई बाल आरोपी या बाल पीड़ित पुलिस स्टेशन पहुंचता है तो वहां उसके मुताबिक माहौल नहीं होता है।
पुलिस वाले भी मानसिक रूप से इसके लिये तैयार नहीं होते कि उन्हें बच्चों के साथ किस तरह पेश आना है और उन्हें पुलिस स्टेशन में कैसे रखना है।
ऐसे में यह जरूरी है कि पुलिस स्टेशन को इस तरह बनाया जाए, जहां बच्चों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
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