पत्थलगांव विधानसभा में किसने खेल बिगाड़ दिया कांग्रेस का ,जाने ताज़ा समीकरण,कौन नेता है नाराज़ कांग्रेस से,नफा नुकसान का आंकलन,इस झगड़े में गोमती की बल्ले बल्ले,

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पत्थलगांव

विधानसभा चुनाव में नामांकन के बाद अब शह मात की राजनीति आरंभ हो गयी है जैसा छत्तीसगढ़ में 15 साल के कार्यो में जन आक्रोश सामने आया तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बन गयी,मुख्यमंत्री की बल्ले बल्ले रही,पर अनेक विधायकों ने भूपेश के कार्यो पर पलीता लगा दिया,

जशपुर जिले के पत्थलगांव के अजेय गढ़ में नैया डगमगाने लगी है,1977 के बाद से लगातार इस क्षेत्र को अपनी मेहनत,ऊर्जा,से सिंचित करने वाले रविन्द्र भाटिया जैसे ऊर्जावान नेता को बैठकों में बुलाना तो दूर प्रचार से भी दूर रखा जा रहा है जबकि कांग्रेस की सभी धूप छाव से वाकिफ श्री भाटिया जिन्हें राजनीति की पाठशाला कहा जाता है जिन्होंने अपनी मेहनत व्यवहार एवम कूटनीति की बिसात बिछाकर इस क्षेत्र में कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी कर दी ऐसे नेतृत्व कर्ता को चुनावी रण से अलग कर दिया गया है,

वही पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री पवन अग्रवाल,श्री गणेश शर्मा,श्री जनार्दन पंकज,श्री चिरु राम भगत,श्री राजू एक्का,श्री पास्कल पन्ना, श्री मोती राम,श्री कुंवर साय, श्रीमती पूनम सिदार,श्री डमरूधर यादव,श्री महेंद्र सोनी,सहित गाँव गाँव मे फैले अनेक कार्यकर्ताओ को प्रचार कार्य से दूर कर दिया गया है,

एक तरफ कांग्रेस जनों से संगठन एंव प्रत्याशी द्वारा साथ नही लिया जा रहा वही भाजपा अपने सभी नाराज़ कार्यकर्तओं को साधने में सफल होकर तेजी से चुनाव में जुट गई है,

कांग्रेस एवम भाजपा से इतर अगर हम बात करे आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार श्री राजा राम लकड़ा की तो निश्चित रूप से आम आदमी पार्टी भाजपा के बाद चुनाव प्रचार में गाँव मे घुसपैठ कर चुकी है वही देर से ही सही जनता कांग्रेस जे अजीत जोगी जी की पार्टी ने भी पत्थलगांव क्षेत्र के ऊर्जावान नेता श्री नेहरू लकड़ा को प्रत्याशी घोषित कर दिया है,श्री नेहरू लकड़ा राजनीति के चतुर खिलाड़ी है और पूर्व में विधानसभा चुनाव लड़ने के कारण पूरे क्षेत्र के चप्पे चप्पे से परिचित है तथा मशीही समाज,महाकुल समाज,नागवंशी समाज मे खासे लोकप्रिय भी है,पूर्व के चुनाव में 16000 से अधिक वोट पाकर बीजेपी को पक्षाड कर दूसरे नम्बर में पहुंच गए थे,

यह क्षेत्र कांग्रेस का अजेय गढ़ है परंतु स्थानीय कार्यकर्ताओ की नाराजगी एवम पत्थलगांव को जिला बनवाने में असफल रहने के कारण जनता में नाराज़गी देखने को मिल रही है

ये नाराजगी एवम श्री राजाराम लकड़ा एवम श्री नेहरू लकड़ा सहित अन्य उम्मीदवारों ने पत्थलगांव के समीकरण पूरी तरह बिगाड़ दिया है,

हालाकि भाजपा प्रत्याशी का मायका कोतबा क्षेत्र एवम निवास मुंडडीह होने के कारण उनके खिलाफ यह माहौल बनाने की कोशिश कांग्रेस कर रही है कि वह बाहरी प्रत्याशी है,

वही भाजपा कांग्रेस प्रत्याशी रामपुकार सिंह जी के 40 वर्षों के कार्यो का हिसाब भी मांग रहे है इस बात पर गोमती साय जी कमजोर पड़ती दिखती है कि उनने भी कोई उपलब्धि इस क्षेत्र को नही दी

परन्तु जागरूक मतदाता ओर क्षेत्र का युवा वर्ग बीजेपी प्रत्याशी श्रीमती गोमती साय से उनकी कार्यप्रणाली के कारण संतुष्ट नजर आ रही है युवा वर्ग का कहना है कि भले ही गोमती साय अपने पहले कार्यकाल में विकास न करा पाई हो पर इस क्षेत्र में रेलवे लाइन,nh की बदतर स्थिति को सुधारने की मांग,क्षेत्र में उद्योगों एवम युवाओं के रोजगार की बात संसद से लेकर सड़क तक उठाने में कोई कसर नही छोड़ी है और अब आने वाले समय मे परिणाम मिलने की उम्मीद है

स्वतंत्र विश्लेषकों द्वारा यह भी समीक्षा की जा रही है कि भले ही सांसद रहते श्री विष्णु साय जी पत्थलगांव में कभी जीत दर्ज नही करा पाए परन्तु प्रत्यासी बदलने का लाभ बीजेपी को पूर्व में शिवशंकर पैंकरा के समय मे भी मिला था और इस बार भी इसका लाभ गोमती साय जी को मिलेगा

बहरहाल अभी वक़्त है दोनों दल अपने प्रचार में कितना सफल होते है ,कार्यकर्ताओ की नाराजगी कितनी दूर होती है तथा अन्य प्रत्याशी कितनी ऊर्जा लगा पाते है इस पर भी चुनाव परिणाम प्रभावित होंगे

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