विकलांग विमर्श पर छत्तीसगढ़ी साहित्य में विजयलक्ष्मी पाठक को पी-एच.डी.

कन्हैया गोयल

सक्ती-श्रीमती विजयलक्ष्मी पाठक को डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय कोटा ,बिलासपुर द्वारा ‘छत्तीसगढ़ी साहित्य में विकलांग- विमर्श ‘ विषय पर हिंदी में पी-एच.डी. की उपाधि प्रदान कर दी गयी है। डॉ. विजय लक्ष्मी पाठक ने यह उपाधि डॉ. उषा तिवारी सहायक प्राध्यापक हिन्दी, शासकीय राघवेंद्र राव स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर के मार्गदर्शन में प्राप्त किया । 21वीं सदी के महत्वपूर्ण विकलांग- विमर्श पर तो शोध कार्य हुए हैं और हो भी रहे हैं लेकिन छत्तीसगढ़ी में कार्य करके डॉ. श्रीमती पाठक में लोकभाषाओं और भारतीय भाषाओं में इस तरह के कार्य करने वालों के लिए एक प्रादर्श प्रस्तुत कर दिया है। जिसकी परीक्षकों ने प्रशंसा करते हुए प्रकाशन के अनुशंसा भी की है । अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठीयों में सक्रिय सहभागिता के साथ शोध -पत्र वाचन कर यशस्वी रही हैं । संप्रति शासकीय प्राथमिक विद्यालय आर्या कॉलोनी तिफरा बिलासपुर में अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं।

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