सर्प दंश के शिकार हुए ग्रामीण की गंभीर अवस्था मे धरमजयगढ़ के डॉक्टरों ने बचाई जान

दूसरी ज़िन्दगी मिलने पर मरीज़ ने भावुक होकर कहा डॉक्टर भगवान हैं

असलम खान धरमजयगढ़ -‘सर्प दंश का शिकार रपता श्यांग जिला कोरबा निवासी तेल सिंह चौहान नामक एक गम्भीर मरीज का चिकित्सकीय उपचार से जान बची। कल सुबह छत्तीसगढ़ का कोबरा कहे जाने वाले एक करैत सर्प दंश का गम्भीर मरीज पूरे 8 घण्टे विलम्ब से सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ में लाया गया. जिसे बीएमओ डॉ बी एल भगत के मार्गदर्शन में डॉ खुर्शीद खान के द्वारा तत्काल भर्ती कर उपचार किया गया. मरीज को सोते हुये अवस्था मे करैत सर्प ने सर पर काटा था मरीज पूर्ण रूपेण बेहोशी और गम्भीर अवस्था मे भर्ती था.पीड़ित का उचित इलाज उपरांत होश में लाया गया.डॉक्टरों की लगन ,मेहनत के नतीजे आज मरीज पूर्ण रूपेण ठीक है.अभी पूर्णतः स्वास्थ्य लाभ पाने के बाद पीड़ित तेल सिंह ने भावुक होकर कहा के ये मेरी दूसरी ज़िन्दगी है यहाँ के डॉक्टर भगवान हैं मैं इन्हें इनकी सेवा को ज़िन्दगी भर याद रखूँगा.

इस सम्बन्ध में डॉक्टर खान ने हमें बताया की ऐसे समाचार प्रकाशित करने का हमारा मकसद सिर्फ और सिर्फ आम आदमी को जागरूक करना है ,ताकि वे स्नैक बाइट के मामले में झाड़फूंक के चक्कर मे न फंसे बल्कि तत्काल चिकित्सकीय उपचार कराएं और अपनी जान बचाएं परिजन जितनी जल्दी हो सके तत्काल नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीज को ले जाकर उपचार कराएं सभी केंद्रों में एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध है.

झाड़फूंक के चक्कर मे समय व्यतीत न कर जान न गवाएं,अपने घर के आसपास साफसफाई,रात में प्रकाश की व्यस्था करें दरवाजे खिड़की में जाली का प्रबंध करें,शरीर को अच्छे से ढकने वाले वस्त्र धारण करें,जमीन में न सोये बल्कि खाट में सोएँ, मच्छर दानी लगाकर सोएँ,घर की नालियों की नियमित सफाई करें. आसपास पानी एकत्रित या नमी न होने दें, नालियों में जाली लगाएं आदि प्रबन्ध से हमारे आसपास सांप का वास और उसके डसने की संभावनाओं से बचा जा सकता है.इन सब ऐहतियात के बावजूद यदि किसी को जहरीले सांप ने काट लिया है तो वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित चिकित्सकीय उपचार कराकर जान बचाया जा सकता है।

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