बहुत कीमती है आपका दिल ,ज़रा इसका ख्याल रखें — डॉ खुर्शीद खान।

असलम खान धरमजयगढ़— प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बायसी के प्रभारी चिकित्सक डॉ खुर्शीद खान ने दिल से सम्बंधित बीमारी और उसके निदान पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि गुड हेल्थ के लिए इंसान का दिल बहुत कीमती होता है इसका हमें ख्याल रखना चाहिए.हृदय रोग से सम्बंधित लक्षण को नजर अंदाज न करें तत्काल अपने चिकित्सक की सलाह लेंवे. जानेआखिर क्या है?हृदय रोग( Heart Diसेaसे) हृदय को प्रभावित करने वाली कई स्थितियों के बारे में बताता है। हृदय रोग में अंतर्गत आने वाले रोगों में रक्त वाहिका रोग, जैसे कोरोनरी धमनी रोग (cऔरoनary artery diसेaसे), हृदय के धड़कने में होने वाली समस्या (arrhythmias) और जन्म से ही होने वाले हृदय दोष (coनgeनital heart defects), आदि आते हैं।
“हृदय रोग” को चिकित्सीय शब्दावली में अक्सर “कार्डियोवास्कुलर रोग” (cardiovascular diसेaसे) कहा जाता है।

कार्डियोवास्कुलर रोग आम तौर पर उन स्थिति को संदर्भित करता है, जिनमें रक्त वाहिकाओं के संकुचित या अवरुद्ध होने की वजह से दिल का दौरा, एनजाइना (aनgiनa) या स्ट्रोक आने का खतरा रहता है।

हृदय की अन्य स्थितियों में आपके दिल की मांसपेशियों, वाल्व या हृदय धड़कनों का प्रभावित होना भी हृदय रोग का एक रूप माना जाता है।
स्वस्थ जीवन शैली को अपनाकर कई प्रकार के हृदय रोगों को रोका या ठीक किया जा सकता है

हृदय रोग (दिल की बीमारी) की जटिलताएं – Heart Diसेaसे Risks & Complicatioनs 1 दिल की विफलता heart failure , आवश्यकतानुसार पर्याप्त रक्त का पंप नहीं कर पाना।2 दिल का दौरा cardiac arrest रक्त का थक्का के कारण रक्त वाहिका में रक्त प्रवाह में रुकावट3हृदयाघात stroके मस्तिष्क की धमनियां संकुचित या अवरुद्ध हो जाती है इस वजह से मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह नहीं हो पाता 4 धमनी विस्फार Aनeurysm शरीर मे कहीं भी धमनी की दीवार में उभार आने पर एन्युरिज्म फटकर आंतरिक जानलेवा रक्त स्त्राव हो जाता है यह अति गम्भीर जटिल हो सकता है.


हृदय रोग (दिल की बीमारी) के प्रकार Types of Heart Diसेaसे

@हार्ट अटैक (Heart Attack)

@दिल की विफलता (हार्ट फेलियर, हृद्पात; Heart Failure)

@एनजाइना (Aनgiनa)

@कोरोनरी धमनी की बीमारी (Cऔरoनary Artery Diसेaसे)

@अनियमित दिल की धड़कन (हृद् अतालता; Arrhythmia)

@एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis)

@हृदय वाल्व रोग (हार्ट वाल्‍व डिजीज; Heart Valve Diसेaसे)

@दिल में छेद (जन्मजात हृदय रोग; Coनgeनital Heart Diसेaसे)

@रूमैटिक हार्ट डिजीज (Rheumatic Heart Diसेaसे)

@बाहरी धमनी की बीमारी (Peripheral Arterial Diसेaसे)

@कार्डियोमायोपैथी (Cardiomyopathy)

@रक्त धमनी का रोग (Cerebrovascular Diसेaसे)

@हृदय रोग (दिल की बीमारी) के लक्षण / संकेत Heart Diसेaसे Symptoms और iनdicatioन

ह्रदय रोग के लक्षण व संकेत हृदय के सब रोगों में निम्नलिखित में से सब या एक या अधिक समान लक्षण होते हैं

@छाती में भारीपन, दबाव, असुविधा या दर्द।

@ऊपरी शरीर में बार-बार दर्द होना जैसे कि हाथों, जबड़े, गर्दन, पीठ या पेट के ऊपरी भाग में।

@थकान और कमजोरी।

@सांस फूलना।

@धड़कन में तेजी से वृद्धि या अनियमित धड़कन

@चक्कर आना, पसीना आना और मतली।

@सूजन होना।

@चिंता होना।

@खांसी आना।

@दर्द, जलन और परिपूर्णता महसूस या लक्षण दिखे तत्काल डॉक्टर से परामर्श लें।

हृदय रोग (दिल की बीमारी) के कारण – Heart Diसेaसे Cauसेs & Risk Factऔरs

ह्रदय रोग के कारण उसके प्रकार पर निर्भर करते हैं।
कार्डियोवास्कुलर (Cardiovascular) रोग
कार्डियोवास्कुलर रोग विभिन्न हृदय या रक्त वाहिकाओं की समस्याओं के लिए उपयोग किया जा सकता है लेकिन अक्सर इसका प्रयोग एथेरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis) द्वारा आपके दिल या रक्त वाहिकाओं को हुए नुकसान के लिए किया जाता है। इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं –

@एक अस्वस्थ आहार

@व्यायाम न करना 

@अधिक वजन होना

@धूम्रपान

@अनियमित दिल की धड़कन

@जन्मजात हृदय का दोष

@कोरोनरी धमनी रोग

@हाई ब्लड प्रेशर

@शुगर

@धूम्रपान करना

@शराब या कैफीन का अत्यधिक उपयोग

@दवाओं का दुरुपयोग

@तनाव

हृदय वाल्व रोग

जन्मजात हृदय दोष
जन्मजात हृदय संबंधी दोष आमतौर पर तब विकसित होते हैं जब बच्चा गर्भ में होता है और उसका दिल विकसित होता है या गर्भधारण के एक महीने के बाद और जब रक्त का प्रवाह बदलता है। कुछ चिकित्सा समस्याएं, दवाएं और अनुवांशिक कारक ऐसे दोष पैदा करने में एक भूमिका निभा सकते हैं।

@कार्डियोमायोपैथी (Cardiomyopathy)
कार्डियोमायोपैथी (दिल की मांसपेशियों का मोटा होना या बढ़ाना) के कारण उसके प्रकार पर निर्भर करते हैं –

@डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी (Dilated cardiomyopathy) – इसका कारण अभी तक अज्ञात है। यह दिल के दौरे, संक्रमण, विषाक्त पदार्थ और कुछ दवाओं के कारण हो सकता है। यह अनुवांशिक भी हो सकता है।

@हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी (Hypertrophic cardiomyopathy) – यह प्रकार आमतौर पर अनुवांशिक होता है लेकिन यह हाई ब्लड प्रेशर या उम्र बढ़ने की वजह से समय के साथ भी हो सकता है।

@रेस्ट्रिक्टिव कार्डियोमायोपैथी (Restrictive cardiomyopathy) – यह प्रकार बिना किसी ज्ञात कारण के हो सकता है या संयोजी ऊतक संबंधी विकार, शरीर में अत्यधिक आइरन का निर्माण, असामान्य प्रोटीन का निर्माण या कुछ कैंसर के उपचार से भी हो सकता है।

@दिल के संक्रमण
दिल का संक्रमण जैसे एन्डोकैरडाइटिस (eनdocarditis), तब होता है जब एक संक्रमण करने वाला पदार्थ (जैसे जीवाणु, वायरस या रासायनिक पदार्थ) आपके हृदय तक पहुंच जाता है।
हृदय वाल्व रोग
आपके दिल के वाल्व के नुकसान कई कारण होते हैं। आपको यह जन्म से भी हो सकता है या किसी स्थिति की वजह से भी हो सकता है। जैसे कि –

@रूमेटिक फीवर

@संक्रमण (संक्रामक एंडोकार्डाइटिस)

कनेक्टिव ऊतक विकार

@ह्रदय रोग के जोखिम कारक क्या हैं ?
*हृदय रोग के विकास के लिए जोखिम कारक *
@उम्र – उम्र के साथ धमनियों के संकुचित होने का खतरा बढ़ जाता है और हृदय की मासपेशियां कमजोर होती हैं।

@लिंग – पुरुष आमतौर पर हृदय रोग के अधिक जोखिम पर होते हैं। हालांकि, रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं का जोखिम बढ़ जाता है।

@परिवार का इतिहास – हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास कोरोनरी धमनी की बीमारी का खतरा बढ़ाता है, खासकर यदि माता-पिता को एक कम उम्र में हुआ हो।

धूम्रपान – निकोटीन रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है और कार्बन मोनोऑक्साइड उनकी आंतरिक परत को नुकसान पहुंचा सकता है, जो उन्हें एथेरोस्क्लेरोसिस के प्रति अधिक संवेदनशील बनता है। धूम्रपान करने वालों में हार्ट अटैक अधिक आम है।

आहार – अगर आपकी डाइट में फैट, नमक, चीनी और कोलेस्ट्रॉल ज़्यादा है, तो हृदय रोग होने का खतरा बढ़ जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर – अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर से धमनियां सख्त और मोटी हो सकती हैं, जिससे वाहिकाएं संकुचित होती हैं।

हाई कोलेस्ट्रॉल – रक्त में कोलेस्ट्रॉल के उच्च स्तर से एथेरोस्क्लेरोसिस का खतरा बढ़ सकता है।

@शुगर – शुगर से हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। 

@मोटापा – ज़्यादा वजन से आमतौर पर अन्य जोखिम कारकों की स्थिति बिगड़ जाती है।

@तनाव – तनाव आपकी धमनियों को नुकसान पहुंचा सकता है और हृदय रोग के अन्य जोखिम वाले कारकों को खराब करता है।

@स्वच्छता न रखना – नियमित रूप से हाथ न धोने और अन्य अस्वच्छ आदतों से वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण होते हैं, जिससे दिल के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, खासकर यदि आपको पहले से ही अंतर्निहित हृदय की कोई बीमारी है। खराब दंत स्वास्थ्य से भी हृदय रोग हो सकते हैं।

@हृदय रोग (दिल की बीमारी) से बचाव – Preveनtioन of Heart Diसेaसे

@ह्रदय रोग होने से कैसे रोका जा सकता है?
कुछ प्रकार के हृदय रोगों को रोका नहीं जा सकता। हालांकि, आप कई अन्य प्रकार की हृदय रोगों को जीवन शैली में परिवर्तन से रोक सकते हैं जिससे आपके हृदय रोग में सुधार हो सकता है, जैसे –

@धूम्रपान छोड़ें। 

स्वास्थ्य स्थितियों को नियंत्रित करें, जैसे हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और शुगर व्यायाम ,योग और ध्यान  करें।

ऐसा आहार लें जिसमें नमक और फैट कम हो

@स्वस्थ वजन बनाए रखें।

@तनाव कम करें और उसका प्रबंधन करें।

@स्वच्छता का ध्यान रखें।

@हृदय रोग (दिल की बीमारी) का परिक्षण – Diagनosis of Heart Diसेaसे

@ह्रदय रोग का निदान/ परिक्षण कैसे किया जाता है?
हृदय रोग का पता लगाने के लिए परीक्षण । 1शारीरिक जांच करेंगे और कोई भी परीक्षण करने से पहले आपके व्यक्तिगत और पारिवारिक चिकित्सा इतिहास । 2रक्त परीक्षण 3 छाती के एक्स-रे , के अलावा हृदय रोग के निदान के लिए निम्नलिखित परीक्षण किए जाते हैं –
1इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी)
ईसीजी विद्युत संकेतों को रिकॉर्ड करता है और दिल की लय और संरचना में अनियमितता का पता लगाने में मदद करता है।

2हॉलटर मॉनिटरिंग (Holter moनitऔरiनg)
हॉलटर मॉनिटर एक उपकरण होता है जिसे आप लगातार ईसीजी रिकॉर्ड करने के लिए पहनते हैं, आमतौर पर 24 से 72 घंटे तक। हॉलटर मॉनिटरिंग का उपयोग हृदय की लय की अनियमितताओं का पता लगाने के लिए किया जाता है जो नियमित ईसीजी परीक्षा के दौरान पता नहीं चलते हैं।
 

3इकोकार्डियोग्राम (Ecहोcardiogram)
यह परीक्षण छाती का अल्ट्रासाउंड करता है दिल की संरचना और कार्य के विस्तृत चित्र दिखाता है।
 

4स्ट्रेस टेस्ट 
इस प्रकार के परीक्षण में हृदय की गति व्यायाम या दवा से बढ़ाई जाती है और परीक्षण किए जाते हैं यह देखने के लिए कि हृदय कैसी प्रतिक्रिया देता है।5 कार्डियक CT स्कैन6कार्डियक कैथीटेराइजेशन
 

4 कार्डिएक कैथेराइज़ेशन (Cardiac catheterizatioन)
इस परीक्षण में, एक छोटी सी ट्यूब पैर या बांह की नस या धमनी में डाली जाती है। फिर इस छोटी ट्यूब में एक लम्बी लचीली ट्यूब (गाइड कैथेटर) डाली जाती है।

Follow me in social media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *