विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर हर्बल युक्त शुद्ध सेनेटाईजर का किया गया शुभांरभ , महुआ के उपयोग से शुद्ध हर्बल युक्त, केमिकल मुक्त बन रहा सेनेटाईजर

जशपुरनगर 22 मई 2020/ विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर आज ग्राम पनचक्की में जिला प्रशासन, वनविभाग, युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन और वन विभाग की स्व-सहायता समूह की महिलाओं के संयुक्त तत्वाधान में महुआ से बने शुद्ध हर्बल युक्त सेनेटाईजर का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर विधायक जशपुर श्री विनय भगत, कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक श्री शंकरलाल बघेल, सीआरपीएफ कमांडेंट श्री अनिल कुमार प्रसाद, वनमण्डलाधिकारी श्री कृष्ण कुमार जाधव, जिला पंचायत के सीईओ श्री के.एस.मण्डावी, उपमण्डलाधिकारी श्री एस.गुप्ता और स्व-सहायता समूह की महिलाएं एवं पत्रकार गण उपस्थित थे।

इस अवसर पर उपस्थित पत्रकारों एवं अन्य गणमान्य लोगों को निःशुल्क सेनेटाईजर का वितरण किया गया।


विधायक श्री विनय भगत ने शुभांरभ अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सब जैव विविधता दिवस के अवसर पर उपस्थित हुए हैं।

जिला प्रशासन, वन विभाग, युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन एवं समूह की महिलाओं को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा  कि खुशी की बात है कि आज महुआ से बने सेनेटाईजर के लिए जशपुर जिले को जाना जाएगा। अथक मेहनत और सार्थक प्रयास से पूरी टीम ने महुआ हर्बल सेनेटाईजर का अविस्कार किया है। जिसकी प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि हमारा जशपुर जिला ग्रीन-टी के नाम से जाना जाता था। अब जशपुर जिला सेनेटाईजर बनाने के अविस्कार के रुप से भी जाना जाएगा।


कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने सभी को अपनी शुभकामनएं देते हुए कहा कि आज महुआ से बने हर्बल युक्त सेनेटाईजर बनाया गया है।

वन विभाग, युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन और समूह की महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सब के सहयोग से आज हम महुआ से शुद्ध हर्बल सेनेटाईजर बनाने में सफल हुए हैं। आज जशपुर जिला का देश-प्रदेश में भी नाम सुमार हुआ हैं। सेनेटाईजर बनाना अपने आम में अद्भूत कल्पना थी।

जिसमें हम सफल हुए हैं। यह सेनेटाईजर केमिकल मुक्त, 100 प्रतिशत् हर्बल युक्त उत्पादन है। आगामी कुछ दिनों में जिले के सन्ना, कुनकुरी, पत्थलगांव में सेनेटाईजर बनाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। जशपुर जिला चाय के बागान के नाम से तो जाना जाता था अब सेनेटाईजर के नाम से जाना जाएगा।

उन्होंने कहा कि महुआ संस्कृति विरासत से भी जुड़ा हुआ है। जनजाति समुदाय में अलग-अलग पद्धति से इसका उपयोग किया जाता है। स्व-सहायता समूह की महिलाओं को जोड़कर महुआ कैटल बनाने की भी योजना बनाई जा रही है।

जिसका लाभ पशुओं को होगा। साथ ही महिलाओं को रोजगार मिलेगा और आर्थिक रूप से सक्षम बन सकेगी।
वनमण्डलाधिकारी श्री कृष्ण कुमार जाधव ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोविड-19 कोरोना संक्रमण से मुक्त करने और लोगों के लिए हर्बल युक्त प्राकृतिक पद्धति से सेनेटाईजर बनाया गया है। जिसका उपयोग जशपुर के लोगों के साथ प्रदेश के लोग भी कम कीमत पर  सेनेटाईजर का उपयोग आसानी से कर सकेगें।

उन्होंने समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि महिलाओं ने रात-दिन अथक मेहनत करके सेनेटाईजर का निर्माण किया जा रहा है। महिलाएं तीन सिफ्टों में कार्य कर रही हैं और प्रतिदिन 60 लीटर सेनेटाईजर बना रही है

। आगामी दिनों मे हमारा प्रयास रहेगा कि प्रतिदिन 300-500 लीटर तैयार करके लोगों तक इसका लाभ पहुंचाएगें और अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का भी प्रयास करेंगे।

 
उल्लेखनीय है कि पूरा देश कोरोना वायरस संक्रमण से गुजर रहा है इस दौरान जशपुर जिले में सेनेटाईजर का अविस्कार से लोगों को इसका लाभ मिलेगा। जशपुर जिले में लघु वनोपज भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

वन विभाग द्वारा प्राकृतिक रूप से समूह के माध्यम से ग्रीन-टी, शहद, जशपुर हर्बल शाॅप, चवनप्रास, कांचपान आदि बनाया जाता है।

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