छत्तीसगढ़ वन विभाग निभा रहा है दोहरी जिम्मेदारी-जिला व स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कोरोना के विरुद्ध संघर्षरत : पीसीसीएफ चतुर्वेदी,–


रायपुर :
कोरोना वायरस के इस संक्रमण काल मे, जहां एक ओर पूरी दुनिया जद्दोजहद कर रही है वहीं छत्तीसगढ़ राज्य स्तिथि नियंत्रण में है, भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रशासन की सराहना किया जाना तो बनता है और राज्य के अधिकारियों कर्मचारियों की मेहनत व लगन, साबित कर रहा है कि प्रदेश में किसी भी घोर संकट का सामना मुस्कुराते हुए आसानी से किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ का वन विभाग भी कोरोना के विरुद्ध जंग मे अपनी सारी क्षमता मैदान मे झोंक चुकी है, वन विभाग को दोहरी जिम्मेदारी निभाने की जरुरत आन पड़ी है एक ओर मानव समाज तो दूसरी ओर वन्यजीवों के साथ वनों की सुरक्षा।

पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री और वन मंत्री के आदेशानुसार तथा मुख्य सचिव के निर्देशानुसार, वन विभाग के समस्त अधिकारियों कर्मचारियों से स्पष्ट कह दिया गया है कि वे अपना मुख्यालय ना छोड़ें, परिणामस्वरूप राज्य के सी.सी.एफ, डी.एफ.ओ, एस.डी.ओ, डिप्टी रेंजर व फारेस्ट गार्ड अपने अपने कार्यक्षेत्र मे, केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाईसरी और WHO के गाइडलाईन्स के अनुसार जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर, अदृश्य कोरोना वायरस के विरुद्ध लड़ाई मे जूझ रहे है।

प्रदेश मे‌ 7876 संयुक्त वन प्रबंधन समिति को निर्देशित किया गया है कि वनो की सुरक्षा के साथ वन्य प्राणियों की सेहत का ख्याल रखा जावे, साथ ही साथ वन्यजीवों द्वारा भी जनहानि ना हो, इसका ध्यान रखा जाये।
प्रदेश के सभी रोपड़ियो मे पांच करोड़ पौधे हैं, उसमें निरंतर सिंचाई किया जाना सुनिश्चित किया गया है, न्यूनतम श्रमिकों के साथ रोपड़ियों की देखभाल, कोरोना वायरस से बचाव की सभी आवश्यक उपायों के साथ, 3-4 फीट की दूरी बनाकर कार्य संपादित करने हेतु निर्देशित किया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले रायगढ़ जिले मे एक पूरे गाँव के लगभग 250 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है यह गाँव हाथियों के‌ आंतक से त्रस्त है।

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