10 वीं एवं 12 वीं बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं का घर पर मूलयांकन कितना सुरक्षित ?

जशपुर नगर
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल शिक्षकों एवं उनके परिवार के जीवन से खिलवाड़ न करे। मानव जीवन से बढ़कर बोर्ड मूलयांकन कार्य नहीं है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं जशपुर जिले अध्यक्ष विनोद गुप्ता एवं महामंत्री संजीव शर्मा का कहना है कि इस समय देश,कोरोना वायरस के संक्रमण चक्र को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

लेकिन छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल को बोर्ड उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की ज्यादा चिंता है।
फेडरेशन के कहना है कि वर्क टू होम का अर्थ केवल डिजिटल कार्य से होता है।
विचारणीय है कि क्या इन उत्तरपुस्तिकाओं से,घर-घर मे कोरोना वायरस के फैलने की संभावना नहीं है ?
बोर्ड उत्तरपुस्तिकाओं का मूलयांकन अति आवश्यक सेवा है,सही है।लेकिन हम सब का जीवन की सुरक्षा ज्यादा आवश्यक है। जान है तो जहान है। फेडरेशन के कहना है कि मुख्यमंत्री बेहद संवेदनशील हैं।छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।उन्हें संभावित खतरे से अवगत कराया जाना था।हमारा हर निर्णय भारत को सुरक्षित बनाएगा हम सही सलामत रहेंगे,तो हमारा भारत सही सलामत रहेगा। फेडरेशन का कहना है कि,अभी बोर्ड परीक्षाफल देने की जल्दीबाजी में उत्तरपुस्तिकाओं को घर पर लाना खतरनाक हो सकता है।कोरोना वायरस से संक्रमण होने की मन: स्थिति मे बोर्ड उत्तरपुस्तिकाओं को अपने घर लाना बेहद घातक हो सकता है। फेडरेशन का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के संभावना को देखते हुए,देश में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है।जोकि बहुत अहम है।अभी बोर्ड उत्तरपुस्तिकाओं को
जहाँ जिस केंद्र में रखा गया है,
वही रहने दिया जाना उचित होगा।छत्तीसगढ़ को कोरोना वायरस के कहर से सुरक्षित रखने
हमें हर संभावित निर्णय लेना होगा।
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन

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