जांजगीर में श्री राम कथा में अति हर्ष उत्साह के साथ संपन्न हुआ शिव पार्वती विवाह

कन्हैया गोयल

प्रभु की भक्ति से दूर होते हैं सारे संकट—पंडित मुरलीधर जी महाराज

सक्ती—नैला जांजगीर में चल रही 09 दिवसीय श्री राम कथा के दूसरे दिवस 13 फरवरी को व्यासपीठ पर विराजित संत श्री मुरलीधर जी महाराज द्वारा शिव विवाह की कथा का वर्णन किया गया। भगवान् शिव योगेश्वर हैं, वैरागी है और गृहस्थ में प्रवेश करने जा रहे है। उनके हाथ में त्रिशूल है जो तीन शूल काम, क्रोध, लोभ का प्रतीक है।

गृहस्थ में प्रवेश करने से पहले तीनों ही अधीन-वश में हैं। नंदीश्वर पर बैठकर चले हैं, जो कि स्वयं धर्म हैं।महामुनियों द्वारा वेदों में वर्णित रीति से भगवान् महादेव और जगत्जननी पार्वती जी का विवाह सम्पन्न किया गया। बाराती ज्यादा दिवस रोकने जैसे नही हैं, इसलिए बारात ज्यादा दिवस तक नही रुकी ।
इस प्रकार विवाह सम्पन्न हो जाने पर भगवान् शिव माता पार्वती के साथ अपने निवास कैलाश पर्वत में चले आये। वहाँ शिव पार्वती विविध भोग विलास करते हुए समय व्यतीत करने लगे।

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