सहकारिता की उपलब्धियों को आमजनों तक पहुंचाने से नई कार्ययोजना का मार्ग प्रशस्त होगा- गुप्ता


राज्य सहकारी संघ द्वारा 66 वे अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के सात दिवसीय कार्यक्रम की शुरूवात संघ मुख्यालय, चौबे काॅलोनी, रायपुर में संघ के प्रमुख पदाधिकारियों द्वारा सहकारी ध्वजारोहण कर तथा सहकारी गीत गान कर किया।

सहकारी सप्ताह के प्रथम दिवस 14 नवम्बर के विषय ‘‘ग्रामीण सहकारिता के माध्यम से नवाचार’’ विषय पर चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ मर्या., के अध्यक्ष श्री झुनमुन गुप्ता ने कहा कि सहकारी शिक्षा, प्रशिक्षण व सहकारी गतिविधियों के साथ-साथ शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में सहकारी सप्ताह की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होने कहा कि अपनी उपलब्धियां आमजनों तक पहुंचाने और जमीनी स्तर पर मिले फीडबैक के द्वारा नई कार्य योजना बनाने का मार्ग भी प्रशस्त होता है, साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ एवं प्रदेश के अन्य सभी सहकारी संगठन के माध्यम से आयोजित सहकारी सप्ताह, प्रदेश के विकास के लिए अच्छी शुरुआत है।


इस अवसर पर राज्य संघ के उपाध्यक्ष श्री रविन्द्र सिंह भाटिया ने कहा कि भारत देश में सहकारिता की शुरूवात महात्मा गांधी द्वारा किया गया। महात्मा गांधी ने ग्रामोद्योग के माध्यम से परम्परागत कार्याे को आगे बढ़ाकर ग्रामीणों के उत्थान का कार्य किया।

ग्रामोद्योग को सहकारिता के माध्यम से बढ़ावा देकर गांव की तश्वीर बदली जा सकती है-भाटिया

उन्होने कहा कि सहकारिता के माध्यम से ही ग्रामीणों का समग्र विकास किया जा सकता है। ‘‘अमूल’’ का उदाहरण सहकारिता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कुटीर उद्योगो को सहकारिता के माध्यम से मजबूत किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान रायपुर डिविजन लाईफ ईन्ष्योरेन्ष, एम्प्लाईज के्रडिट को-आपरेटिव्ह सोसायटी के अध्यक्ष एवं राज्य संघ के संचालक श्री एलेक्जेंडर टिर्की ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य की आर्थिक आवष्यकताओं को सहकारिता के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। मानव सेवा सिर्फ सहकारिता के माध्यम से ही संभव है तथा ग्रामीण क्षेत्रो में सहकारिता की अपार संभावना है।

उन्होने कहा कि के्रडिट को-आपरेटिव्ह सोसायटी से आर्थिक रूप से कमजोर लोगो को आगे बढ़ाने के लिए 10 लाख रूपये तक ऋण देने की शुरूवात किया गया है, जिससे आमजन अपने षिक्षा, रोजगार तथा आवास की आवष्यकता को पूरा करते है। इस दिषा में 1600 सदस्य इसका आर्थिक लाभ उठा रहे है। हमारा लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगो को 20 लाख ऋण देकर लाभान्वित करने का है।

इस अवसर पर राज्य संघ के प्रबंध संचालक श्री एन.आर.के. चन्द्रवंषी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रो में सहकारी ऋण लेने ग्रामीण स्वयं नहीं आते है, जिससे उन्हे इसका लाभ नहीं मिल पाता है। अतः प्रषिक्षण के माध्यम से ग्रामीणों को यह समझाने की आवष्यकता है कि आप समिति के सदस्य नहीं मालिक है।

उन्होने कहा कि वर्तमान में रहवासी क्षेत्रों में व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सहकारी सोसायटी का गठन आवष्यक है, जिससे वहां के रहवासियों को और अच्छी सुविधाएं मिल सके।
कार्यक्रम का संचालन मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री व्ही.के. शुक्ला ने किया। इस अवसर पर जिला संघ रायपुर के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र धुरंधर, समता गृह निर्माण सहकारी समिति के प्रबंधक श्री शैलेष मिश्रा, जिला संघ रायपुर के संचालक श्री अनिल तिवारी एवं प्रबंधक श्रीमती मंजूषा तिवारी, राज्य संघ एवं अधीनस्थ कार्यालय बिलासपुर, जगदलपुर के कर्मचारी एवं प्रदेष के अन्य क्षेत्रो से आये कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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